अभिजीत मुहूर्त में ही क्यों होते हैं भूमि पूजन, प्राण प्रतिष्ठा और ध्वजारोहण, जानिए
Ram Mandir: आज राम मंदिर ध्वजारोहण के दिन कई दुर्लभ संयोग एक साथ बन रहे हैं जिसके कारण आज की तिथि बहुत ही ज्यादा खास है और ऐसे में श्री राम और माता सीता की पूजा करने से उनकी असीम कृपा आज प्राप्त होगी।
- Written By: सीमा कुमारी
राम मंदिर (सौ.सोशल मीडिया)
Abhijit Muhurat Significance: आज का दिन हर सनातनी के लिए गौरव का दिन रहने वाला है। अयोध्या में आज का दिन इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होने जा रहा है। श्री राम जन्मभूमि मंदिर अब पूरी तरह बनकर तैयार हो चुका है, और आज अयोध्या राम मंदिर में अभिजीत मुहूर्त में पीएम मोदी धर्मध्वजा फहराएंगे।
जैसा कि आप सभी जानते है कि मंदिर निर्माण में पाँच साल से अधिक समय लगा और अब इसका भव्य ध्वजारोहण पूरे देश के लिए आध्यात्मिक उत्सव जैसा है।
आज का दिन और भी खास इसलिए है, क्योंकि आज विवाह पंचमी भी है। ये वही तिथि जब त्रेतायुग में भगवान राम और माता सीता का विवाह हुआ था। इसलिए यह दिन सनातन धर्मावलंबियों के लिए किसी बड़े त्योहार से कम नहीं है।
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ध्वजारोहण अभिजीत मुहूर्त में किया जाएगा। ऐसे में ये जानना बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है कि आखिर यह मुहूर्त क्या है और इतना शुभ क्यों माना जाता है? चलिए जानते हैं…
आज का अभिजीत मुहूर्त 2025
मंगलवार, 25 नवंबर 2025 को विवाह पंचमी के शुभ अवसर पर अयोध्या राम मंदिर में ध्वजारोहण किया जाएगा। इसके लिए अभिजीत मुहूर्त चुना गया है, जो आज सुबह 11 बजकर 45 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 29 मिनट तक मान्य है।
अभिजीत मुहूर्त को खास क्यों माना जाता है?
धर्म शास्त्रों के अनुसार, अभिजीत मुहूर्त एक शुभ और विजय दिलाने वाला समय होता है। यह दिन के मध्य भाग में लगभग 12 बजे के आसपास आता है और करीब 48 मिनट तक रहता है. यह मुहूर्त अत्यंत शुभ और सबसे श्रेष्ठ माना जाता है और इसमें किए गए कार्यों में सफलता मिलती है। इसी वजह से राम मंदिर के शुभ कार्यों का आयोजन इसी मुहूर्त में किया जाता है।
भगवान श्रीराम का जन्म
अभिजीत मुहूर्त का समय हर दिन सूर्योदय और सूर्यास्त के अनुसार बदलता रहता है। साथ ही, बुधवार को अभिजीत मुहूर्त में कोई भी शुभ कार्य करना वर्जित है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर ठीक 12 बजे अभिजीत मुहूर्त में भगवान राम का जन्म हुआ था।
वहीं, भगवान शिव द्वारा त्रिपुरासुर का वध भी अभिजीत मुहूर्त में हुआ था, इसलिए हिंदू धर्म में इस मुहूर्त का खास महत्व माना जाता है।
जानिए क्या है अभिजीत मुहूर्त का महत्व
विजय प्राप्ति
अभिजीत का अर्थ ही ‘विजय’ होता है, इसलिए इस मुहूर्त में किए गए कार्य सफल होते हैं।
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सभी दोषों का निवारण
ऐसी मान्यता है कि यह मुहूर्त सभी दोषों को दूर करने की शक्ति रखता है।
शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त
अगर कोई शुभ मुहूर्त नहीं मिल रहा हो, तो विवाह, गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य इस मुहूर्त में किए जा सकते हैं।
