

एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा करना शुभ माना जाता है।
इस दिन भगवान विष्णु की 'ॐ जय जगदीश हरे' आरती कर सकते हैं।
पूजा में पीले फूल, फल, चंदन और तुलसी दल अर्पित करें।
एकादशी पर 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करें।
आरती के बाद भगवान विष्णु से परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करें।
Ekadashi Par Kiski Aarti Kare : हिंदू धर्म में एकादशी का दिन भगवान विष्णु की भक्ति और पूजा-अर्चना के लिए खास माना जाता है। इस अवसर पर श्रद्धालु व्रत रखते हैं और मंत्र जाप के साथ भजन-कीर्तन करते हैं। पूजा के बाद आरती करके भगवान का आशीर्वाद लेने की परंपरा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एकादशी पर भगवान विष्णु की कौन सी आरती करना शुभ माना जाता है? आइए जानते हैं इससे जुड़ी जरूरी बातें और पूजा की सही विधि।
एकादशी के दिन भगवान विष्णु की 'ॐ जय जगदीश हरे' आरती करना शुभ माना जाता है। यह उनकी सबसे प्रचलित आरतियों में से एक है। भक्त इस आरती को गाकर भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं। इसके अलावा विष्णु जी के भजन और स्तुतियों का पाठ भी कर सकते हैं।
एकादशी के दिन सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें। इसके बाद घर के मंदिर में भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर के सामने घी का दीपक जलाएं। उन्हें पीले फूल, फल, चंदन और तुलसी दल अर्पित करें। फिर एकादशी व्रत कथा पढ़ें या सुनें और भगवान से परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करें।
आरती की थाली में दीपक, कपूर और फूल रख सकते हैं। भगवान के सामने शांत मन से आरती गाएं। इसके बाद हाथ जोड़कर प्रणाम करें और पूजा में हुई किसी भी भूल के लिए क्षमा मांगें। आरती के दौरान साफ-सफाई और श्रद्धा का ध्यान रखना अच्छा माना जाता है।
आरती के अलावा एकादशी पर भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप भी किया जाता है। आप 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का 11, 21 या 108 बार जाप कर सकते हैं। इसके अलावा समय मिलने पर विष्णु सहस्रनाम का पाठ भी कर सकते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आरती पूजा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसे भगवान के प्रति भक्ति और समर्पण व्यक्त करने का माध्यम माना जाता है। एकादशी पर भगवान विष्णु की आरती करके भक्त अपनी पूजा का समापन करते हैं। इस दिन पूजा के साथ दया, सेवा और जरूरतमंदों की सहायता जैसे अच्छे कार्यों को भी महत्व देना चाहिए।