दिसंबर में इस दिन है ‘मोक्षदा एकादशी, विधिवत व्रत से मिलेगा श्रीकृष्ण का विशेष आशीष, जानिए पूजा का सही मुहूर्त और पूजा-विधि
सनातन धर्म में मोक्षदा एकादशी पर्व का विशेष महत्व है। इस शुभ अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण की विशेष पूजा की जाती है। इसके साथ ही एकादशी का व्रत भी रखा जाता है। इस व्रत को करने से साधक को अश्वमेघ यज्ञ समान फल की प्राप्ति होती है।
- Written By: सीमा कुमारी
दिसंबर में इस दिन है 'मोक्षदा एकादशी'
Mokshada Ekadashi vrat 2024: जगत के पालनहार श्रीहरि विष्णु और मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए मोक्षदा एकादशी तिथि हिन्दू धर्म में बड़ा महत्व रखता है। मोक्षदा एकादशी हर साल मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है। इस साल यह तिथि 11 दिसंबर को है। धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत को करने से सभी पापों का नाश होता है और मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है।
इसके अलावा व्यक्ति को संतान और धन की प्राप्ति होती है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था। इसी कारण मोक्षदा एकादशी के दिन गीता जयंती का पर्व भी मनाया जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि मोक्षदा एकादशी व्रत कब है, शुभ मुहूर्त और व्रत पारण क्या रहेगा-
जानिए मोक्षदा एकादशी तिथि पूजा मुहूर्त
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पंचांग के अनुसार, मार्गशीष माह के शुक्ल पक्ष की मोक्षदा एकादशी तिथि 11 दिसंबर 2024 को सुबह 3:42 मिनट से शुरू होगी जिसका समापन अगले दिन 12 दिसंबर 2024 को रात 01:09 मिनट पर होगी।
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ऐसे करें मोक्षदा एकादशी पूजा
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उपवास करने से पहले दशमी तिथि को दोपहर में एक बार भोजन करिए।
मोक्षदा एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें।
साफ कपड़े पहनकर भगवान का स्मरण करते हुए व्रत का संकल्प लीजिए।
इसके बाद भगवान गणेश की पूजा करें और फिर लक्ष्मी माता के साथ श्री हरि की पूजा करिए।
वहीं, भगवान को धूप, दीप और नैवेद्य, रोली, कुमकुम अर्पित करें।
द्वादशी के दिन पूजा के बाद गरीब और जरूरतमंद को भोजन कराएं और दान-दक्षिणा दीजिए।
इस दिन दान पुण्य करने से जीवन में सुख शांति बनी रहती है।
इसके बाद आप भोजन करिए।
सनातन धर्म में मोक्षदा एकादशी महत्व
सनातन धर्म में एकादशी पर्व का विशेष महत्व है। इस शुभ अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण की विशेष पूजा की जाती है। इसके साथ ही एकादशी का व्रत भी रखा जाता है। इस व्रत को करने से साधक को अश्वमेघ यज्ञ समान फल की प्राप्ति होती है। भगवान कृष्ण की कृपा भक्तों पर बरसती है। उनकी कृपा से जीवन में व्याप्त सभी प्रकार के दुख एवं संकट दूर हो जाते हैं। साथ ही जीवन में खुशियों का आगमन होता है।
