

हनुमान पूजा 2026 शनिवार, 7 नवंबर को काली चौदस के अवसर पर की जाएगी।
दिवाली से पहले गुजरात और पश्चिम भारत के कुछ क्षेत्रों में बजरंगबली की विशेष पूजा होती है।
काली चौदस पर हनुमान जी की आराधना का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है।
कुछ स्थानों पर इस दिन हनुमान जयंती मनाने की भी परंपरा है।
हनुमान जी को सिंदूर, चमेली का तेल, लाल फूल और बूंदी का भोग अर्पित किया जाता है।
पूजा के दौरान हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और मंत्र जाप करने की परंपरा है।
बजरंगबली की पूजा साहस, शक्ति, भक्ति और आत्मविश्वास का संदेश देती है।
Kali Chaudas Hanuman Puja: दिवाली से पहले हनुमान जी की पूजा का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। हर साल दीपावली से पहले कुछ क्षेत्रों में काली चौदस के अवसर पर बजरंगबली की विशेष आराधना की जाती है। इस साल आज शनिवार, 7 नवंबर 2026 को हनुमान पूजा और काली चौदस का पर्व मनाया जाएगा।
मान्यता है कि इस दिन भगवान हनुमान की पूजा करने से भक्तों को साहस, शक्ति और आत्मविश्वास की प्रेरणा मिलती है। खास बात यह है कि कुछ स्थानों पर इस दिन हनुमान जयंती मनाने की भी परंपरा है। आइए जानते हैं हनुमान पूजा की तारीख, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और धार्मिक महत्व।
साल 2026 में दिवाली से पहले हनुमान जी की विशेष पूजा शनिवार, 7 नवंबर को की जाएगी। यह पूजा मुख्य रूप से गुजरात और पश्चिम भारत के कुछ क्षेत्रों में काली चौदस के अवसर पर की जाती है। अयोध्या के प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी मंदिर में भी इस अवसर पर विशेष धार्मिक आयोजन की परंपरा है। हालांकि, उत्तर भारत के अधिकांश क्षेत्रों में हनुमान जयंती चैत्र पूर्णिमा को मनाई जाती है।
दिल्ली के पंचांग के अनुसार, 7 नवंबर की रात हनुमान पूजा का निशिता काल मुहूर्त रात 11 बजकर 39 मिनट से 8 नवंबर की रात 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगा। इस अवधि में भक्त बजरंगबली की पूजा-अर्चना कर सकते हैं। अलग-अलग शहरों में स्थानीय पंचांग के अनुसार समय में अंतर हो सकता है।
इस दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और पूजा स्थल पर भगवान हनुमान की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। इसके बाद दीपक जलाकर फूल, सिंदूर और पारंपरिक भोग अर्पित करें। हनुमान चालीसा, सुंदरकांड या बजरंगबली के मंत्रों का पाठ कर सकते हैं। अंत में आरती करके परिवार की सुख-शांति की कामना करें।
धार्मिक परंपराओं में हनुमान जी को सिंदूर, चमेली का तेल, लाल फूल, गुड़ और बूंदी का भोग अर्पित करने का विशेष महत्व बताया गया है। भक्त अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार प्रसाद चढ़ाते हैं। पूजा में स्वच्छता और सच्ची भक्ति का विशेष ध्यान रखा जाता है।
भगवान हनुमान को शक्ति, भक्ति, निष्ठा और साहस का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि दिवाली से पहले उनकी आराधना करने से जीवन में आत्मविश्वास और सकारात्मक विचारों की प्रेरणा मिलती है। यह अवसर भगवान राम के प्रति हनुमान जी की अटूट भक्ति को याद करने और उनके आदर्शों से सीख लेने का भी संदेश देता है।