अंखड ज्योत (सौ.सोशल मीडिया)
Akhand Jyot Bujh Jaye Kya Kare : आज से चैत्र महीने नवरात्रि की शुरुआत हो चुकी है। आज नवरात्रि का पहला दिन है सुबह श्रद्धालुओं ने कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा की पूजा करते हुए अखंड ज्योत प्रज्वलित की है। हिन्दू मान्यता के अनुसार, अखंड ज्योत पूरे नौ दिनों तक जलाई जाती है और मान्यता है कि यह बिना रुके जलती रहनी चाहिए। इसे देवी मां की उपस्थिति का प्रतीक माना जाता है, इसलिए भक्त पूरे नियम और श्रद्धा के साथ इसका ध्यान रखते हैं।
ऐसे में सभी नियमों का पालन करना बहुत जरूरी होता है, लेकिन कई बार अनजाने में या किसी कारणवश यह ज्योत बुझ जाती है। इससे भक्तों के मन में डर बैठ जाता है और वे इसे अशुभ मानने लगते हैं।
कई बार अनजाने में या किसी कारणवश यह ज्योत बुझ जाती है इससे भक्तों के मन में डर बैठ जाता है और वे इसे अशुभ मानने लगते हैं। लेकिन शास्त्रों में ऐसी स्थिति में घबराने की जरूरत नहीं है। अगर अखंड ज्योत बुझ जाए तो शांत मन से सबसे पहले स्थान को साफ करें और फिर श्रद्धा के साथ दोबारा घी या तेल डालकर ज्योत जलाएं। इसके बाद मां दुर्गा से क्षमा याचना करें और अपनी पूजा जारी रखें।
नवरात्रि के दौरान अखंड ज्योत जलाने की विशेष परंपरा सदियों से चली आ रही हैं। नवरात्रि के दौरान कलश स्थापना के साथ अखंड ज्योत जरुर जलाई जाती है। शास्त्रों में बताया गया है कि, घर में अखंड ज्योत का निरंतर जलना अंधकार के दूर होने का प्रतीक माना जाता है।
यह दर्शाता है कि नकारात्मक ऊर्जा खत्म होकर चारों ओर सकारात्मकता का प्रकाश फैल रहा है।
इसके अलावा, यह ज्योत ज्ञान और जागरूकता का भी प्रतीक मानी जाती है। मान्यता है कि जैसे दीपक अंधेरे को मिटाता है, वैसे ही यह ज्योत जीवन में अज्ञानता को दूर कर सही मार्ग दिखाती है।
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नौ दिनों तक लगातार जलने वाली यह अखंड ज्योत जीवन की निरंतरता, श्रद्धा और अटूट विश्वास का संकेत भी देती है। इसे मां दुर्गा की कृपा और उपस्थिति से भी जोड़ा जाता है। इसलिए नवरात्रि के दौरान अखंड ज्योत जलाने की विशेष परंपरा निभाई जाती है।