‘जया एकादशी’ फ़रवरी में इस दिन, जानिए व्रत और पूजा का फलदायी शुभ मुहूर्त, जानिए क्या बिल्कुल न करें
हिन्दू धर्म में एकादशी का व्रत बहुत ही शुभ एवं फलदायी माना जाता है। जया एकादशी व्रत के भी कुछ नियम हैं। जया एकादशी पर कुछ चीजों को करने से भगवान विष्णु नाराज हो सकते हैं और आर्थिक स्थिति भी प्रभावित हो सकती है।
- Written By: सीमा कुमारी
जया एकादशी व्रत (सौ.सोशल मीडिया)
Jaya Ekadashi 2025: 8 फरवरी को जया एकादशी मनाई जाएगी। हिन्दू धर्म में एकादशी का व्रत बहुत ही शुभ एवं फलदायी माना जाता है। एकादशी व्रत हर महीने के कृष्ण और शुक्ल पक्ष पर व्रत रखा जाता है। शास्त्रों के अनुसार, एकादशी तिथि पर जगत के पालनहार भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की उपासना की जाती है।
मान्यता है कि एकादशी का व्रत करने से जातकों को श्री हरि विष्णु का आशीर्वाद मिलता है। इसके अलावा जीवन के सभी दुख और संकट भी दूर होते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं भगवान विष्णु को प्रसन्न करने लिए जया एकादशी के दिन क्या काम करने चाहिए और कौन से काम बिल्कुल भी नहीं करने चाहिए।
जानिए क्या है जया एकादशी व्रत 2025 सही तिथि
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पंचांग के अनुसार, माघ महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 7 फरवरी को रात 9 बजकर 26 मिनट पर शुरू होगी। वहीं इस तिथि का समापन अगले दिन यानी 8 फरवरी को रात 8 बजकर 15 मिनट पर हो जाएगा। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, जया एकादशी का व्रत 8 फरवरी को रखा जाएगा।
पूजा का शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, जया एकादशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त, तड़के 5 बजकर 21 मिनट से लेकर सुबह के 6 बजकर 13 तक होगा, इस दिन विजय मुहूर्त दोपहर के 2 बजकर 26 मिनट से लेकर 3 बजकर 10 तक रहेगा।
इसके बाद गोदुली मुहूर्त शाम के 6 बजकर 3 से लेकर 6 बजकर 30 तक रहेगा। इस दिन निशिता मुहूर्त रात्रि 12 बजकर 9 मिनट से लेकर 1 बजकर 1 तक रहेगा। इन मुहूर्तों में पूजा करना शुभ रहेगा।
जानिए जया एकादशी के दिन क्या करना चाहिए
>जया एकादशी पर ब्रह्म मुहूर्त में उठें।
>भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करें।
>विधिपूर्वक व्रत का पालन करें।
>व्रत का पारण द्वादशी तिथि में ही करें।
>भोग व पूजा में तुलसी पत्र जरूर शामिल करें।
>व्रती दिन में सोने से बचें।
>इस दिन भजन-कीर्तन और श्री हरि के वैदिक मंत्रों का जाप करें।
जया एकादशी पर क्या न करें
>इस तिथि पर तामसिक चीजों का सेवन न करें।
>इस दिन किसी के लिए अभद्र भाषा का उपयोग न करें।
>इस दिन चावल का सेवन भूलकर भी न करें।इस दिन तुलसी के पत्ते को न तोड़ें, क्योंकि इस दिन मां तुलसी भी व्रत रखती हैं।
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>इसलिए एक दिन पहले पूजा के लिए तुलसी दल तोड़कर रख लें।
>इस दिन किसी के साथ वाद-विवाद न करें।
>इस दिन घर को अच्छी तरह से साफ रखें।
>इस दिन तामसिक भोजन का सेवन न करें।
