रविदास जयंती (सौ.सोशल मीडिया)
Ravidas Jayanti 2025: हर साल माघ महीने में आने वाली पूर्णिमा के दिन संत रविदास जयंती भी मनाई जाती है। इस साल 12 फरवरी 2025 को बुधवार के दिन अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार उनका जन्मोत्सव मनाया जाएगा। कहा जाता है कि माघ मास की पूर्णिमा को जब रविदास जी का जन्म हुआ, वह दिन रविवार था, इसलिए उनका नाम रविदास रखा गया।
भारत की धरती पर कई महान गुरु हुए। जिनमें से एक थे संत रविदास। जिनके वचनों ने दुनियाभर में परचम लहराया। इनकी वाणी में इतनी ताकत थी कि जो भी उन्हें सुनता था उनका मुरीद हो जाता था।
आपको बता दें कि, इस दिन धार्मिक स्थानों पर संत रविदास जी की उपासना, भजन किर्तन व जगह-जगह शोभा यात्राएं निकाली जाती हैं। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार संत रविदास महान समाज सुधारक के रूप में भी जाने जाते हैं।
उन्होंने सभी को बिना किसी भेदभाव के प्रेम करने की शिक्षा दी है, इसलिए इस दिन उनके विचारों का ध्यान करने का खास महत्व माना जाता है। वहीं, गुरु रविदास जयंती, संत रविदास जी के जन्म दिवस के रूप में मनाई जाती है, जिसे सामाजिक एकता और भक्ति का दिन माना जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि इस दिन क्या करें और क्या न करें।
गुरु रविदास जयंती के दिन क्या करें और क्या न करें –
1. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रविदास जयंती के दिन पूजा-अर्चना करनी चाहिए, इससे जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
2. इस दिन उनके भजन गाकर उनकी महिमा का गुणगान कर सकते हैं। माना जाता है कि संत रविदास जी एक समाज सुधारक भी थे, ऐसे में इस दिन जरूरतमंदों की सहायता और दान से जुड़े कार्य करने चाहिए।
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3. इससे जीवन में सकारात्मकता बनी रहती है। रविदास जयंती के दिन आत्म-चिंतन करने से व्यक्ति को मानसिक शांति प्राप्त होती है। वहीं इस दिन भूलकर भी किसी का अपमान न करें। किसी को भी कटु वचन न कहें। साथ ही लड़ाई-झगड़ा करने से बचें।