

Ganesh Chaturthi Chandra Darshan: गणेश चतुर्थी का पर्व विघ्नहर्ता गणेश जी की पूजा-अर्चना के लिए सबसे शुभ समय माना जाता हैं। दस दिनों के गणेश उत्सव के दौरान प्रथम पूज्य गणपति की पूजा-अर्चना करने से उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती हैं।
साथ ही भगवान गणेश की कृपा से जीवन की सभी विघ्न-बाधाएं दूर होती हैं। क्या आप जानते है कि, चंद्र देखने की मनाही होती हैं मान्यता है इस दिन चंद्र दर्शन करने से दोष लगता हैं। अगर गलती से चंद्रमा को देख लें तो क्या उपाय करने से आपको कलंक दोष से मुक्ति मिल सकती है यहां जानिए
धर्म ग्रथों में बताया गया है कि, यदि इस दिन कोई व्यक्ति गलती से चंद्रमा को देख लें तो उसे दोष से बचने के लिए श्री गणेश जी 12 नामों का जाप करना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि इससेचंद्र दोष से मुक्ति मिलती हैं।
चंद्र दोष से मुक्ति पाने के लिए गणेश चतुर्थी पर गणपति को फल चढ़ाकर उसे किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दान करना चाहिए। कहा जाता है कि, इससे व्यक्ति को चंद्र दोष से मुक्ति मिलती हैं।
गणेश चतुर्थी पर लगे चंद्र दोष दूर करने के लिए नीचे दिये गये मंत्र का अधिक से अधिक जप करें -
"सिंह: प्रसेन मण्वधीत्सिंहो जाम्बवता हत:. सुकुमार मा रोदीस्तव ह्येष: स्यमन्तक:"
चंद्र दोष से मुक्ति पाने के लिए गणेश चतुर्थी पर गणपति की विधिवत पूजा भी कर सकते हैं।ऐसा करने से भी कलंक नहीं लगता। इसके अलावा,गणेश जी की पूजा में मोदक, दुर्वा आदि अर्पित करना चाहिए और इसके बाद गणेश जी के मंत्रों का जप करना चाहिए। इससे किसी भी तरह का गलत आरोप आप पर नहीं लगता। गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा का दर्शन करने के बाद आपको गणेश जी से क्षमा याचना भी करनी चाहिए।
धर्म ग्रथों में चंद्र दोष से जुड़ी कई पौराणिक कथाओं का वर्णन मिलता है। कथा के अनुसार, एक बार गणेश जी अपने वाहन मूषक में बैठकर कहीं जा रहे थे। सफर के दौरान मूषकराज की टक्कर किसी चीज से हुई और भगवान गणेश संतुलन खो बैठे और गिर पड़े।
यह सब होते चंद्रमा देख रहे थे और वो गणेश जी पर हंसने लगे। यह देखकर गणेश जी ने चंद्रमा को श्राप दिया कि भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी पर चंद्रमा को जो देखेगा उसे कलंक का सामना करना पड़ेगा। वहीं कुछ ग्रंथों में यह भी वर्णित है कि चंद्रमा ने गणेश जी की सूंड और उनके रूप का मजाक उड़ाया था इसलिए गणेश जी ने उन्हें श्राप दिया। तभी से यह परम्परा निभाई जा रही हैं।