साल 2025 का पहला सूर्य ग्रहण कल, नोट कर लें ये बातें, भूलकर भी न करें ये काम, कारण भी जानिए

कहते हैं ग्रहण के दौरान की गई गलतियों के कारण व्यक्ति को मुश्किलों एवं कष्टों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में आइए जानते है ग्रहण के दौरान क्या नहीं करना चाहिए-
साल 2025 का पहला सूर्य ग्रहण कल, नोट कर लें ये बातें, भूलकर भी न करें ये काम, कारण भी जानिए
ग्रहण के दौरान क्या नहीं करना चाहिए जानिए (सौ.सोशल मीडिया)
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Surya Grahan 2025 and shani amavasya: कल 29 मार्च को साल का पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। धार्मिक एवं आध्यात्मिक दृष्टिकोण से ग्रहण काल को अशुभ माना जाता है। आपको बता दें, इससे पहले 14 मार्च को चन्द्र ग्रहण लगा था। पंचांग के अनुसार, इस बार शनि अमावस्या के दिन शनिदेव मीन राशि में गोचर कर रहें हैं साथ ही साल का पहला सूर्य ग्रहण भी इसी दिन लगने जा रहा है।

ज्योतिष शास्त्र के दृष्टि से यह दिन बहुत ही खास है। यह एक आंशिक सूर्य ग्रहण है जोकि भारत में दिखाई नहीं देगा, लेकिन इसके प्रभाव से बचने के लिए कुछ सावधानियां बरतनी बहुत ही जरूरी होती है। जैसा कि आप जानते है कि शास्त्रों मे ग्रहण के दौरान कुछ कार्यों की सख्त मनाही होती है।

कहते हैं ग्रहण के दौरान की गई गलतियों के कारण व्यक्ति को मुश्किलों एवं कष्टों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में आइए जानते है ग्रहण के दौरान क्या नहीं करना चाहिए-

ग्रहण के दौरान क्या नहीं करना चाहिए जानिए

  • ज्योतिषयों के अनुसार, ग्रहण के दौरान भूलकर भी मंदिर या भगवान की मूर्तियों को स्पर्श ना करें, इसलिए ही ग्रहण को दौरान सभी मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं।
  • ग्रहण काल में भोजन पकाना और खाना उचित नहीं माना जाता। हालांकि, छोटे बच्चों, बीमार और बुजुर्गों के लिए यह नियम नहीं है।
  • ग्रहण काल के दौरान शरीर पर तेल मालिश नहीं करनी चाहिए। साथ ही नाखून काटने और बाल कटवाने से भी बचना चाहिए।
  • इसके अलावा कैंची, सुई-धागे और धारदार वस्तुओं का उपयोग न करें।
  • ग्रहण के दौरान किसी भी प्रकार के तामसिक भोजन का सेवन करने से बचना चाहिए ।
  • ग्रहण के दौरान महिलाएं ग्रहण के दौरान श्रृंगार न करें।
  • ग्रहण में गर्भवती महिलाएं घर में ही रहें, साथ ही किसी किसी नकारात्मक जगहों पर जाने से बचें।

सूर्य ग्रहण के दौरान क्या करना चाहिए

  • सूतक काल शुरू होने से पहले ही दूध, दही, पानी और अन्य खाद्य पदार्थों में तुलसी या कुशा डाल दें, ताकि वह दूषित न हों।
  • इस अवधि में मूर्तियों का स्पर्श नहीं करना चाहिए, लेकिन धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन किया जा सकता है।
  • ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान जरूर करना चाहिए।
  • ग्रहण में मंत्र जाप करने से नकारात्मक प्रभाव को कम किया जा सकता है।
  • इस समय तर्पण, श्राद्ध, जप, हवन और दान-पुण्य करना शुभ माना जाता है।
  • ग्रहण समाप्त होने पर मंदिर की सफाई करें और पूजा-अर्चना के बाद दान करें।
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