कार्तिक मास में दीपदान का महत्व
Kartik Month 2024: जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित कार्तिक माह सनातन धर्म में बड़ा महत्व रखता है। इस साल कार्तिक माह की शुरुआत 18 अक्टूबर,शुक्रवार से हो चुकी है।ज्योतिषयों के अनुसार, इस महीने भगवान विष्णु लंबे समय के विश्राम के बाद जागते है। इसलिए कार्तिक मास को धार्मिक दृष्टि से अत्यधिक महत्वपूर्ण माना जाता है।
मान्यता है कि इस महीने दीया जलाना बहुत ही शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि,ऐसा करने से भगवान विष्णु और भगवान श्रीकृष्ण प्रसन्न होते है। और अपनी कृपा भक्तों पर सदैव बनाए रखते है। जीवन में चल रही परेशानियों से मुक्ति मिलती है। साथ ही सुख और समृद्धि की प्राप्ति भी होती है। ऐसे में आइए जानते हैं कार्तिक मास दीया जलाना क्यों इतना महत्वपूर्ण है।
कार्तिक माह में दीया जलाना क्यों है शुभ
ज्योतिष-शास्त्रों के अनुसार, कार्तिक मास में दीपदान करना बहुत ही शुभफलदायी माना जाता है। माना जाता है कि कार्तिक माह में आकाशमंडल का सबसे बड़ा ग्रह माना जाने वाला सूर्य अपनी नीच की राशि तुला में गमन करता है। इस वजह से वातावरण में अंधकार पांव पसारने लगता है।
इसलिए इस पूरे मास में दीपक जलाने, जप, तप और दान व स्नान करने का विशेष महत्व माना गया है। अगर किसी विशेष कारण से कार्तिक में प्रत्येक दिन आप दीपदान करने में असमर्थ हैं तो पांच विशेष दिन जरूर करें। ये 5 शुभ दिन रमा एकादशी से लेकर दीपावली तक बड़े पवित्र हैं। उनमें जो भी दान किया जाता है, वह सब अक्षय और सम्पूर्ण कामनाओं को पूर्ण करने वाला होता है।
दीपदान के साथ करें ये 5 काम
1. कार्तिक मास में दीपदान के अलावा प्रतिदिन श्री विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना चाहिए।
2. इसके साथ ही श्री विष्णु जी की पूजा करनी चाहिए और श्री सूक्त का पाठ भी करना चाहिए।
3. कार्तिक मास में तुलसी पूजन करना बेहद शुभ होता है। इसलिए तुलसी पूजा अवश्य करनी चाहिए।
4. मान्यता है कि, कार्तिक मास में भूमि पर ही शयन करना चाहिए। इसके साथ ही ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।
5. ज्योतिष-शास्त्र के अनुसार, कार्तिक मास में दीपदान के अलावा प्रतिदिन दान-पुण्य करना चाहिए। इससे भगवान विष्णु का आशीर्वाद मिलता है।