Mahasanyog Vat Savitri Vrat : आज वट सावित्री व्रत पर महासंयोग, नोट कर लें पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त

Vat Savitri Mahasanyog Puja Vidhi: वट सावित्री व्रत पर इस वर्ष महासंयोग बन रहा है, जिसे शुभ माना जा रहा है। इस दिन पूजा के लिए विशेष मुहूर्त निर्धारित है।
Vat Savitri Mahasanyog
वट सावित्री व्रत (सौ.AI)
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Vat Savitri Mahasanyog: सुहागिन महिलाओं का महापर्व 'वट सावित्री का पर्व' आज मनाया जा रहा है। शनिवार का दिन होने के कारण इस बार शनि जयंती का संयोग भी बना है। जो इस दिन के महत्व को और भी ज्यादा बढ़ा देता है।

ज्योतिषयों के लिए पूजा के लिए शुभ मुहूर्त सुबह से ही शुरू हो गया है और महिलाएं अपनी सुविधा के अनुसार पूजा कर सकती है। ज्येष्ठ अमावस्या तिथि 15 मई 2026 को दोपहर के समय से शुरू हो गई और 16 मई को शाम तक रहेगी।

वट सावित्री व्रत पर अभिजीत मुहूर्त में करें पूजा

ज्योतिषयों के अनुसार, इस साल वट सावित्री व्रत की पूजा के लिए अभिजीत मुहूर्त को सबसे शुभ माना जा रहा है। यदि आप चाहती हैं कि आपकी पूजा विशेष फलदायी और मंगलकारी बने, तो सुबह 11:50 बजे से दोपहर 12:45 बजे के बीच पूजा करना अत्यंत उत्तम रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अभिजीत मुहूर्त में किए गए कार्य सफलता और शुभ परिणाम प्रदान करते हैं। इस दौरान सुहागिन महिलाएं बरगद के पेड़ की विधि-विधान से पूजा कर उसकी परिक्रमा कर सकती हैं तथा सावित्री-सत्यवान की पौराणिक कथा का पाठ कर अपना व्रत पूर्ण कर सकती हैं।

कैसे करें वट सावित्री व्रत की पूजा ?

  • सुबह स्नान के बाद साफ कपड़े पहनें।
  • फिर वट वृक्ष के पास जाकर माता सावित्री और सत्यवान की तस्वीर स्थापित करें।
  • वट वृक्ष की जड़ में जल चढ़ाएं।
  • इसके बाद फूल, फल, मिठाई और सुहाग की सामग्री अर्पित करें।
  • फिर कच्चा सूत लेकर बरगद के पेड़ की सात बार परिक्रमा करें और सूत लपेटें।
  • पूजा के दौरान वट सावित्री व्रत कथा सुनें या पढ़ें। अंत में जरूरतमंद लोगों को दान दें और वट वृक्ष को प्रणाम करें।

इस बार बन रहे हैं कई शुभ योग

बताया जा रहा है कि, इस साल वट सावित्री व्रत पर शोभन योग, शनिश्चरी अमावस्या, शनि जयंती और गजलक्ष्मी योग बन रहे हैं। इसके अलावा बुधादित्य राजयोग और विपरीत राजयोग का भी असर रहेगा।

ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, इन शुभ संयोगों में पूजा करने से घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनी रह सकती है।

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