

Vat Purnima Upay For Couples : सनातन धर्म में वट पूर्णिमा का व्रत सुहाग, सौभाग्य और अखंड दांपत्य जीवन का प्रतीक माना जाता है। यह पर्व वट सावित्री व्रत की तरह ही महिलाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस वर्ष वट पूर्णिमा का व्रत 29 जून, सोमवार को मनाया जाएगा। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा करने पर पति-पत्नी के रिश्ते में प्रेम बढ़ता है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार वट वृक्ष यानी बरगद को अत्यंत पवित्र और दिव्य माना गया है। मान्यता है कि इसमें ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों देवताओं का वास होता है। यही कारण है कि सुहागिन महिलाएं इस वृक्ष की पूजा करती हैं और अपने पति की लंबी आयु व सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करती हैं।
वट पूर्णिमा के दिन महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं। लेकिन अगर पति-पत्नी दोनों मिलकर वट वृक्ष की पूजा करें तो इसे और भी शुभ माना जाता है। इस दिन सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें और वट वृक्ष के पास जाकर भगवान विष्णु तथा माता लक्ष्मी की पूजा करें। मान्यता है कि इससे दांपत्य जीवन में प्रेम और आपसी समझ बढ़ती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार वट पूर्णिमा के दिन वट वृक्ष के नीचे शुद्ध घी का दीपक जलाना बेहद शुभ माना जाता है। पूजा के बाद दीपक जलाएं और भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें। साथ ही अपने वैवाहिक जीवन में सुख, शांति और मधुरता की प्रार्थना करें। कहा जाता है कि इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि वट पूर्णिमा के दिन बरगद की एक छोटी-सी टहनी, बिना किसी नुकसान के, घर लाकर किसी पवित्र स्थान पर रखने से घर में शुभता बनी रहती है। इसके साथ कच्चे सूत का प्रयोग भी शुभ माना गया है। मान्यता है कि यह उपाय पति-पत्नी के बीच होने वाले मनमुटाव को कम करता है और रिश्तों में प्रेम व विश्वास बढ़ाने में सहायक होता है।
नोट: ये सभी उपाय धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित हैं। इन्हें श्रद्धा और आस्था के साथ किया जाता है।