

Vat Purnima Mahatva: हिन्दू धर्म में ज्येष्ठ महीने का बड़ा महत्व है। खासतौर पर, इस महीने में पड़ने वाली पूर्णिमा है। क्योंकि, पूर्णिमा के दिन सुहागिन महिलाओं का मुख्य पर्व वट पूर्णिमा मनाया जाता है। इस बार वट पूर्णिमा 29 जून, सोमवार को मनाई जा रही है।
वट सावित्री की तरह ही वट पूर्णिमा का व्रत भी रखा जाता है। दोनों व्रत का महत्व, पूजा विधि, कथा समान होते है। केवल अंतर यह होता है कि, सावित्र व्रत ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि पर रखा जाता है और वट पूर्णिमा व्रत ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा को रखा जाता है। दोनों की ही व्रत पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए महत्वपूर्ण माने जाते है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वट पूर्णिमा व्रत उत्तर भारत में यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश, हरियाणा और पंजाब समेत राज्यों में मनाया जाता है। वहीं अन्य राज्यों में अमांत चंद्र कैलेंडर का पालन होता है। इसी कारण से उत्तर भारत में वट सावित्री व्रत 15 दिन पहले ज्येष्ठ अमावस्या पर और अन्य राज्यों में ज्येष्ठ पूर्णिमा पर वट पूर्णिमा व्रत रखा जाता है। दोनों ही व्रतों में समान नियम, कथा और पूजा-विधि का पालन किया जाता है।
साल 2026 में ज्येष्ठ पूर्णिमा 29 जून, सोमवार को मनाई जाएगी। पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 29 जून को सुबह 03:06 बजे होगी और यह 30 जून को सुबह 05:26 बजे तक रहेगी। इस दिन चंद्रमा का उदय शाम 07:16 बजे होगा। उदयातिथि के आधार पर 29 जून को ही ज्येष्ठ पूर्णिमा, वट पूर्णिमा का व्रत किया जाएगा।