षटतिला एकादशी के दिन कर लें तिल के ये उपाय, खुल सकती है किस्मत

Shattila Ekadashi Remedies: षटतिला एकादशी पर तिल से जुड़े उपाय करने से नकारात्मकता दूर होती है और भगवान विष्णु की कृपा से सौभाग्य व समृद्धि प्राप्त होती है। आइए जानिए इन उपायों के बारे में-
Shattila Ekadashi Til Upay
षटतिला एकादशी पर तिल उपाय (सौ.सोशल मीडिया)
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Shattila Ekadashi Til Upay: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत हर महीने मनाया जाता है और इसे अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। इस बार माघ महीने की एकादशी यानी षट्तिला एकादशी, 14 जनवरी को मनाई जा रही है। मान्यता है कि इस पावन तिथि पर भगवान श्री हरि विष्णु और माता लक्ष्मी की विधिपूर्वक आराधना करने से जीवन में सुख, शांति, धन-वैभव और सौभाग्य की प्राप्ति होती है और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती है। ज्योतिषयों के अनुसार, षटतिला एकादशी पर तिल से जुड़े कुछ विशेष उपाय करने से भाग्योदय होता है और जीवन की समस्त परेशानियों से निजात मिलता है। आइए जानिए इन उपायों के बारे में-

क्या षटतिला एकादशी पर तिल उपाय बदलते हैं किस्मत?

  • तिल मिले जल से स्नान

षटतिला एकादशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान के जल में तिल मिलाकर स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। यह केवल शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक और ऊर्जात्मक शुद्धि भी करता है। मान्यता है कि इससे नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

  • तिल का दान

शास्त्रों के अनुसार, दान के बिना एकादशी व्रत अधूरा माना जाता है। इस दिन तिल, तिल के लड्डू या तिल से बने अन्य पदार्थों का दान करने से शनि दोष में कमी आती है। इससे जीवन के कष्ट दूर होते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है।

  • तिल से हवन

घर और वातावरण की शुद्धि के लिए षटतिला एकादशी पर तिल का हवन श्रेष्ठ माना गया है। पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठें और ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः’ मंत्र का जाप करते हुए तिल की आहुति दें। इससे नकारात्मकता दूर होती है और घर में सुख-शांति का वास होता है।

  • भोजन में तिल का प्रयोग

इस दिन तिल से बने सात्विक व्यंजन बनाकर पहले भगवान श्रीहरि विष्णु को अर्पित करें, फिर प्रसाद के रूप में ग्रहण करें। ऐसा करने से स्वास्थ्य, समृद्धि और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होते हैं।

  • तिल का उबटन

स्नान से पहले तिल से बना उबटन शरीर पर लगाना विशेष फलदायी माना गया है। तिल के औषधीय गुण शारीरिक दोषों को दूर करते हैं और धार्मिक दृष्टि से यह स्वयं को पूजा के लिए शुद्ध करने की पवित्र प्रक्रिया मानी जाती है।

  • पितरों का तर्पण

षटतिला एकादशी पितृ शांति के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। जल में तिल मिलाकर पितरों का तर्पण करने से उनकी आत्मा को शांति मिलती है और परिवार पर उनका आशीर्वाद बना रहता है, जिससे सुख-समृद्धि बढ़ती है।

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