गज पर सवार होकर आ रहीं मां दुर्गा: नवरात्रि में चमकने वाली है इन 5 राशियों की किस्मत, जानिए सभी दिव्य संयोग

Shardiya Navratri: 11 से 20 अक्टूबर 2026 तक रहने वाली शारदीय नवरात्रि इस बार असाधारण है। दशकों बाद गजकेसरी और हंस जैसे दुर्लभ महा-राजयोगों का महासंगम बन रहा है। जानें राशियों पर इसका शुभ प्रभाव।
Shardiya Navratri 2026 Rare Maha Rajyoga
शारदीय नवरात्रि 2026 दुर्लभ महा राजयोग(सौ. एआई जनरेटेड इमेज)
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Highlights:

  • नवरात्रि पर गज पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा

  • 58 से 100 साल बाद बन रहे दुर्लभ महा-राजयोग

  • गजकेसरी, मालव्य और हंस राजयोग का महासंगम

  • सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग की त्रिवेणी

  • पूरे 9 दिनों की नवरात्रि, 5 राशियों को मिलेगा लाभ

Shardiya Navratri 2026 Rare Maha Rajyoga: अबकी वर्ष शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू होकर 20 अक्टूबर 2026 तक मनाई जा रही है। ज्योतिषीय दृष्टिकोण से यह नवरात्रि अत्यंत असाधारण और मंगलकारी रहने वाली है।

ज्योतिष गणना के अनुसार, दशकों बाद इस नवरात्रि पर कई दुर्लभ महा-राजयोग, शुभ नक्षत्र और दिव्य संयोग एक साथ बन रहे हैं। पंचांग और ग्रहों की यह विशेष स्थिति साधकों, व्यापारियों और विभिन्न राशियों के लिए सुख-समृद्धि के नए द्वार खोलने वाली मानी जा रही है।

मां दुर्गा का हाथी पर आगमन

इस साल नवरात्रि की शुरुआत रविवार से हो रही है। शास्त्रों के अनुसार, जब भी नवरात्रि की शुरुआत रविवार के दिन होती है, तब देवी मां का वाहन गज अर्थात् हाथी होता है। देवी भागवत पुराण के अनुसार, मां दुर्गा का हाथी पर आगमन अत्यंत शुभ, सुख-समृद्धि और शांति का प्रतीक माना जाता है। यह देश में अच्छी वर्षा, कृषि में उन्नति और देश-दुनिया में आर्थिक प्रगति का स्पष्ट संकेत देता है।

गजकेसरी राजयोग का दिव्य निर्माण

नवरात्रि के पहले ही दिन ग्रहों की स्थिति से गजकेसरी राजयोग का निर्माण हो रहा है। देवगुरु बृहस्पति और चंद्रमा के बीच केंद्र संबंध होने के कारण यह बेहद प्रभावशाली योग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र में गजकेसरी योग को मान-सम्मान, उच्च पद और धन लाभ कराने वाला माना गया है। इस योग में की गई घटस्थापना और पूजा-साधना से परिवार में वैभव और ऐश्वर्य का विस्तार होता है।

तीन महा-राजयोगों का महासंगम

इस बार आकाश मंडल में ग्रहों का ऐसा दुर्लभ फेरबदल हुआ है जो लगभग 58 से 100 वर्षों बाद देखने को मिल रहा है। इस अवधि में तीन बड़े राजयोग एक साथ सक्रिय रहेंगे:

मालव्य राजयोग: शुक्र देव के अपनी स्वराशि तुला में मौजूद रहने से मालव्य योग बन रहा है, जो भौतिक सुख-सुविधाओं और संपन्नता को बढ़ाता है।

हंस राजयोग: देवगुरु बृहस्पति के अपनी उच्च राशि कर्क में विराजमान होने से हंस राजयोग का फल मिल रहा है, जो ज्ञान और भाग्य में वृद्धि करता है।

नीचभंग राजयोग: कर्क राशि में गुरु और मंगल की युति से नीचभंग राजयोग का निर्माण भी हो रहा है, जो विरोधियों पर विजय और अटके हुए कार्यों को गति प्रदान करता है।

सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि और रवि योगों की त्रिवेणी

नवरात्रि के नौ दिनों के दौरान शुभ कार्यों को सिद्ध करने वाले कई शक्तिशाली योग बन रहे हैं। इस नवरात्रि में तीन दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और एक दिन अमृत सिद्धि योग के साथ-साथ रवि योग का अद्भुत संयोग भी बन रहा है। इन योगों में नया व्यापार शुरू करना, भूमि-भवन या वाहन खरीदना, सोना खरीदना अथवा निवेश करना बेहद फलदायी और स्थाई लाभ देने वाला माना जाता है।

Shardiya Navratri 2026 Rare Maha Rajyoga
शारदीय नवरात्रि 2026: जानें घटस्थापना का सही समय, आवश्यक पूजा सामग्री और जानें कलश स्थापना की पूरी विधि

हस्त नक्षत्र, शुक्ल और ब्रह्म योग का संयोग

घटस्थापना के दिन यानी प्रतिपदा तिथि को सूर्योदय के समय हस्त नक्षत्र रहेगा। इसके साथ ही शुक्ल योग और ब्रह्म योग का पवित्र संयोग भी बन रहा है। हस्त नक्षत्र को आध्यात्मिक और सांसारिक दोनों ही कार्यों की सिद्धि के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। इस दौरान किया गया मंत्र जाप और व्रत साधक को मानसिक शांति और आंतरिक शक्ति प्रदान करता है।

संपूर्ण 9 दिनों की नवरात्रि

अक्सर तिथियों के घटने-बढ़ने के कारण नवरात्रि 8 दिनों की रह जाती है, लेकिन इस बार माता रानी के भक्तों को पूरे 9 दिनों की साधना का अवसर मिल रहा है। प्रतिपदा से लेकर नवमी तक तिथियों का संतुलन एकदम सटीक है, जिससे बिना किसी विघ्न के नौ स्वरूपों की संपूर्ण पूजा संपन्न की जा सकेगी।

इन 5 राशियों पर पड़ेगा विशेष शुभ प्रभाव

ज्योतिषियों के अनुसार, इन महासंयोगों का सबसे सकारात्मक प्रभाव मेष, वृषभ, मिथुन, सिंह और तुला राशि के जातकों पर पड़ेगा। इन राशियों के लंबे समय से रुके हुए काम पूरे होंगे, करियर में नए अवसर मिलेंगे और आर्थिक तंगी से मुक्ति मिलेगी।

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