Shani Mahadasha: क्या होती है शनि की महादशा? जानिए 19 साल तक चलने वाली इस दशा के प्रभाव और उपाय

Shani Mahadasha Effects: शनि की महादशा 19 वर्षों तक चलती है, यदि कुंडली में शनि शुभ स्थिति में हों और व्यक्ति के कर्म अच्छे हों, तो यही अवधि अनुशासन, धैर्य, नेतृत्व क्षमता, सफलता और सम्मान दिलाती है।
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शनि की महादशा (फोटो.सोशल मीडिया)
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Shani Ki Mahadasha: ज्योतिष में शनि एकमात्र ऐसे ग्रह हैं, जिनकी पूजा भी की जाती है और डर भी बना रहता है। शनि को कर्म, न्याय, अनुशासन और धैर्य का कारक माना जाता है। कहा जाता है कि जब किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि महादशा शुरू होती है, तो उसके जीवन में कई बड़े बदलाव होते हैं, जो कई बार अच्छे और कई बार बुरे भी हो सकते हैं।

हालांकि शनि महादशा को लेकर लोगों के मन में अक्सर डर बना रहता है, लेकिन ज्योतिष के अनुसार शनि का प्रभाव केवल नकारात्मक नहीं होता। यदि कुंडली में शनि की स्थिति शुभ हो और व्यक्ति के कर्म अच्छे हो, तो शनि की दशा से करियर, आर्थिक लाभ व सामाजिक सम्मान में बढ़ोतरी हो सकती है।

क्या होती है शनि महादशा?

ज्योतिष शास्त्र के विशेषज्ञों के अनुसार, शनि की महादशा 19 वर्षों तक चलती है। इसका सीधा प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर पड़ता है। शनि कर्मफल देने वाले ग्रह कहलाते हैं, इसलिए शनि कर्मों का फल देते हैं।

शनि महादशा की चुनौतियां

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार यदि शनि की स्थिति अनुकूल न हो, तो इस दौरान कुछ लोगों को करियर में रुकावट, नौकरी में प्रोमोशन में देरी, आर्थिक तनाव, स्वास्थ्य संबंधी समस्या या रिश्तों में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। कई बार जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं और सफलता उम्मीद से देरी से मिलती है। यह पूरी तरह से व्यक्ति के कर्मों और उसकी कुंडली पर निर्भर करती है।

क्या शनि महादशा हमेशा कष्टदायक होती है?

विशेषज्ञ मानते हैं कि शनि की महादशा हर बार कष्टकारी हो, ऐसा जरूरी नहीं है। ज्योतिष के अनुसार यदि शनि कुंडली में शुभ भाव में स्थित हों या मजबूत हों, तो यही महादशा व्यक्ति को अनुशासन, धैर्य, नेतृत्व क्षमता, सफलता और आर्थिक मजबूती देता है। इस समय में सब्र रखा आवश्यक होता है। समय का फल मिलने में देर हो सकता है, लेकिन मिलता जरूर है।

शनि से बचने के उपाय

शनि की महादशा से निपटने के लिए कुछ ज्योतिषीय उपाय किए जा सकते हैं। इसके लिए-

  • शनिवार को शनि मंत्र का जाप।
  • हनुमान चालीसा का पाठ।
  • तिल या सरसों के तेल का दीपक जलाना।
  • दान-पुण्य करना।
  • पीपल के वृक्ष की पूजा करना।
  • जरुरतमंद लोगों को वस्त्र, जूते चप्पल आदि का दान करें।
  • शनि के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए आप शनि का रत्म नीलम भी धारण कर सकते हैं लेकिन, यह किसी ज्योतिष की सलाह से कुंडली दिखाने के बाद ही धारण करें। ऐसे ही इसे धारण करने पर आपको अशुभ परिणाम भी मिल सकते हैं।
  • संयमित जीवनशैली अपनाने जैसे शामिल है।

हालांकि शनि की महादशा का प्रभाव हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग हो सकता है, क्योंकि हर व्यक्ति की जन्म कुंडली अलग होती है, उनके ग्रहों का प्रभाव अलग होता है।

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