

Sawan Vrat Benefits And Rules: सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति के लिए बहुत ही उत्तम माना जाता है। मान्यता है कि, सावन में श्रद्धा और विधि-विधान से किया गया पूजा और व्रत से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते है और भक्तों की सारी मनोकामना पूरी करते है। हालांकि, सावन के व्रत में केवल उपवास रखना ही पर्याप्त नहीं माना जाता, बल्कि कुछ विशेष नियमों का पालन करना भी जरूरी होता है। आइए जानते हैं इन नियमों के बारे में।
सावन व्रत के दौरान भगवान शिव की पूजा पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ करनी चाहिए। इसके बाद शिवलिंग पर गंगाजल, जल, दूध, दही, शहद, घी और शक्कर से अभिषेक करें। ऐसा करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
सावन व्रत के दौरान सात्विकता का विशेष महत्व बताया गया है। इसके अलावा साधारण नमक की जगह सेंधा नमक का उपयोग करें। व्रत के दिन अन्न, लहसुन और प्याज से पूरी तरह परहेज करें।
भगवान शिव की पूजा में उनकी प्रिय वस्तुएं अर्पित करने का विशेष महत्व माना गया है। व्रत वाले दिन आप शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा और चंदन अवश्य अर्पित करें।
सावन में जहां सुबह की पूजा का महत्व होता है, वहीं शाम को भी प्रभु की उपासना करनी चाहिए। इस दौरान दीपक जलाकर शिव चालीसा का पाठ करें। इससे मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती हैं।
कई लोग समय की कमी के कारण पूजा जल्दबाजी में पूरी कर लेते हैं। धार्मिक मान्यता है कि भगवान शिव की पूजा शांत मन और पूरी श्रद्धा के साथ करनी चाहिए। जलाभिषेक के दौरान 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जप करना और शिव चालीसा या रुद्राष्टकम का पाठ करना भी शुभ माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन व्रत के दौरान जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान देना शुभ माना जाता है। इसके अलावा गाय को हरा चारा खिलाना, पक्षियों को दाना डालना और जरूरतमंदों की सहायता करना भी पुण्यदायी माना गया है।