

Mahamrityunjaya Mantra In Sawan: सावन का पावन महीना अभी चल रहा हैं। पूरे सावन महीने में शिव भक्त भगवान भोलेनाथ की पूजा- अर्चना और शिवलिंग पर जल चढ़ाने के साथ मंत्र जाप आदि करते हैं। इन मंत्रों में से एक है महामृत्युंजय मंत्र। जो भगवान शिव के सबसे पवित्र मंत्रों में से एक है। ऐसा माना जाता है कि महामृत्युंजय मंत्र जपने से अकाल मृत्यु टल जाती है। साथ ही भक्तों को आरोग्य का वरदान भी प्राप्त होता है।
अगर आप भी महामृत्युंजय मंत्र का सावन में जाप करते हैं तो आइए आपको बताते हैं कि इसके जाप के समय किन गलतियों से बचना चाहिए। किसी भी पूजा के लिए केवल मंत्र श्रद्धा का उच्चारण ठीक नहीं माना जाता है बल्कि नियमों का पालन भी जरूरी होता है।
धर्म शास्त्रों में ऐसा बताया गया है कि, महामृत्युंजय मंत्र का जाप जमीन में नहीं करना चाहिए। इस मंत्र को हमेशा किसी ऊंचे आसन या कुश का आसान बिछाकर उसके ऊपर बैठकर ही करना चाहिए। इसके अलावा, इस मंत्र के जप की एक जगह निर्धारित करें और प्रतिदिन इसी जगह पर बैठकर मंत्र का उच्चारण करें।
महामृत्युंजय मंत्र का जप करते समय जातकों को इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि इस मंत्र का उच्चारण ठीक ढंग से किया जाए। इसके अलावा, एक निश्चित संख्या निर्धारित करके ही इस मंत्र के जाप का प्रण लें।
महामृत्युंजय मंत्र का जाप करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि आपका मुंह हमेशा पूर्व दिशा की ओर ही हो। मंत्र का जाप करते समय अपने ध्यान को भटकने ना दें और एकाग्र रहें। इसके अलावा महामृत्युंजय मंत्र का जप कितने दिन भी आप करें उतने दिन मांस-मदिरा से दूर रहें।
कई बार हम असमय भी महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने लगते हैं, लेकिन ध्यान रहे कि आपको यह मंत्र हमेशा साफ मंत्र और शुद्ध शरीर के साथ ही करना चाहिए। आपको कभी भी यह मंत्र स्नान किए बिना ही नहीं पढ़ना चाहिए। हमेशा जल्दी उठकर स्नान आदि से मुक्त होकर साफ और स्वच्छ वस्त्र धारण करने के बाद ही इस मंत्र का जाप करना शुभ होता है।
किसी भी स्थान पर जाप न करें
अगर आप किसी भी समय और किसी भी स्थान पर खड़े होकर महामृत्युंजय मंत्र का जाप करते हैं, तो आज ही अपनी इस आदत को बदल लें। यह भगवान शिव के सबसे पवित्र मंत्रों में से एक है और इसका जाप भी आपको हमेशा साफ स्थान पर एक आसन बिछाकर श्रद्धा से बैठकर ही करना चाहिए।
अगर आप भी सावन में महामृत्यंजय मंत्र का जाप करते हैं तो आपको यहां बताई हुई किसी भी गलती से बचना चाहिए, जिससे आपको मंत्र जाप का पूर्ण फल मिले और शिव जी की कृपा दृष्टि भी बनी रहे।