Sawan 2026: सावन सोमवार व्रत के दिन भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, नहीं तो अधूरी रह सकती है भोलेनाथ की कृपा

Sawan 2026 Lord Shiva Worship: सावन सोमवार व्रत में कुछ गलतियों से बचना बेहद जरूरी माना जाता है। जानें वे 5 बातें, जिनका ध्यान रखकर भोलेनाथ की कृपा प्राप्त की जा सकती है।
Sawan Somwar Vrat Rules
शिव पूजन (सौ.AI)
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Sawan Somwar Vrat Rules: सावन का पहला सोमवार व्रत 3 अगस्त 2026 को पड़ रहा है, जो भगवान शिव के भक्तों के लिए बेहद शुभ और विशेष माना जा रहा है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से भगवान शिव का पूजन, जलाभिषेक और उपवास करने से सभी कष्ट दूर होते हैं। साथ ही सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का आगमन जीवन में होता है।

वही सावन सोमवार के दिन कुछ विशेष नियमों का पालन करना भी बहुत जरूरी होता है।आइए जानते हैं कि सावन सोमवार के दिन क्या करना चाहिए और किन बातों से बचना चाहिए ?

सावन सोमवार के दिन क्या करें क्या न करें?

सावन सोमवार के दिन क्या करें

  • स्नान और पूजा

सावन सोमवार के दिन सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और शिव मंदिर जाकर शिवलिंग पर जल, गंगाजल, दूध, धतूरा और ताजे बेलपत्र अर्पित करें।

  • मंत्र जाप करें

इस दिन पूरे भर मन में 'ॐ नमः शिवाय' या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।

  • सात्विक भोजन करें

यदि व्रत हैं तो फल, दूध, मखाना, सेंधा नमक से बनी चीजें लें। अगर व्रत नहीं हैं, तो पूरी तरह सात्विक भोजन करें।

  • दान-पुण्य

इस दिन जरूरतमंद लोगों को भोजन, वस्त्र या अन्न का दान करना बहुत शुभ माना जाता है।

भूलकर भी न करें?

  • तामसिक भोजन से करें परहेज

व्रत रखने वाले व्यक्ति और घर के अन्य सदस्यों को भी इस दिन मांस, मदिरा, लहसुन, प्याज और अत्यधिक मसालेदार पदार्थों से दूर रहना चाहिए।

  • तुलसी दल और वर्जित सामग्री न चढ़ाएं

शास्त्रों के अनुसार भगवान शिव की पूजा में तुलसी दल, हल्दी, केतकी के फूल, कुमकुम और सिंदूर अर्पित नहीं किया जाता है। साथ ही शंख से भी शिवलिंग पर जल न चढ़ाएं।

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  • क्रोध, झूठ और अपशब्द से बचें

इस पवित्र दिन किसी का अनादर या अपमान न करें। झूठ बोलने, चुगली करने या किसी भी प्रकार के विवाद से खुद को दूर रखें ।

  • देर तक न सोएं और आलस्य त्यागें

सावन सोमवार के दिन सुबह देर तक सोना वर्जित माना गया है। आलस्य को त्याग कर सुबह जल्दी उठकर पूजा-आराधना में शामिल हों।

  • तांबे के पात्र से दूध न चढ़ाएं

शिवलिंग पर दूध अर्पित करने के लिए तांबे के बर्तन का प्रयोग न करें. दूध के लिए पीतल, कांसा या चांदी के पात्र का ही उपयोग करें।