

Devshayani Ekadashi Remedies For Money: भगवान विष्णु की आराधना के लिए देवशयनी देवशयनी बहुत शुभ मानी जाती है। हिन्दू धर्म ग्रथों में इस एकादशी का विशेष महत्व बताया गया है क्योंकि, इस दिन से सृष्टि के पालनहार भगवान श्रीहरि विष्णु अगले चार महीनों के लिए क्षीर सागर में शेषनाग की शैय्या पर योग निद्रा में चले जाते है और इसी दिन से चातुर्मास का आरंभ होता है।
वहीं, देवशयनी एकादशी के दिन तुलसी से जुड़े कुछ उपायों को करने से सुख-समृद्धि में बढ़ोतरी होती है और अन्य शुभ फलों की प्राप्ति होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी भगवान विष्णु को अति प्रिय है और उनकी पूजा बिना तुलसी दल के पूरी नहीं मानी जाती है।
देवशयनी एकादशी के दिन तुलसी के समीप 11, 21 या 51 दीपक प्रज्वलित करें और श्रद्धापूर्वक तुलसी चालीसा का पाठ करें। ऐसी मान्यता है कि इससे करियर और व्यापार में आ रही बाधाएं दूर होती हैं तथा सफलता के नए मार्ग खुलते हैं।
इस शुभ अवसर पर तुलसी माता को श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें। मान्यता है कि इससे दांपत्य जीवन में प्रेम, सौहार्द और खुशहाली बनी रहती है। पति-पत्नी के बीच चल रहे मतभेद दूर होते हैं और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
देवशयनी एकादशी के दिन तुलसी के पौधे पर श्रद्धापूर्वक कलावा बांधें या अर्पित करें। ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और सुख-समृद्धि तथा पारिवारिक शांति बनी रहती है।
तुलसी पूजन के बाद 11 या 21 बार परिक्रमा करें और 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करें। धार्मिक मान्यता है कि इससे जीवन की विघ्न-बाधाएं दूर होती हैं और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
नौकरी या व्यापार में अगर बहुत प्रयास के बाद भी विघ्न-बाधा आ रही है, तो देवशयनी एकादशी को तुलसी के पास 11, 21 या 51 दीपक जलाकर तुलसी चालीसा का पाठ करना चाहिए मान्यता है कि ऐसा करने से बाधाएं दूर होती हैं।
धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि, एकादशी के दिन तुलसी माता भगवान विष्णु के लिए व्रत रखती हैं। ऐसे में एकादशी के दिन तुलसी में जल अर्पित न करें और न तुलसी के पत्ते तोड़ें। पूजा और भोग में रखने के लिए तुलसी दल एक दिन पहले ही तोड़कर रख लें।