

Krishnapingal Sankashti Chaturthi Vrat Date: 30 जून से आषाढ़ माह शुरु हो चुकी है। इस महीने कृष्ण पक्ष में आने वाली चतुर्थी कृष्णपिंगल संकष्टी चतुर्थी 3 जुलाई 2026, शुक्रवार को मनाई जा रहीं है। हिंदू धर्म में गणेश जी बुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा के देवता माने जाते है। धार्मिक मान्यता है कि, इस दिन व्रत करने वालों को हर दिशा में सफलता और समृद्धि प्राप्त होती है।
ज्योतिषयों के अनुसार, इस बार कृष्णपिंगल संकष्टी चतुर्थी के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, जिसमें विघ्नहर्ता श्री गणेश जी की पूजा का महत्व और बढ़ जाता है।इस संकष्टी चतुर्थी के दिन भद्रा और पंचक है। इस व्रत में रात को चंद्रमा को अर्घ्य देते हैं, तभी व्रत पूरा होता है।
कृष्णपिंगल संकष्टी चतुर्थी 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त
चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 3 जुलाई 2026, सुबह 11:21 बजे से
चतुर्थी तिथि समाप्त: 4 जुलाई 2026, दोपहर 12:40 बजे तक
चंद्रोदय: रात 09:51 बजे (स्थान के अनुसार समय में थोड़ा बदलाव संभव है)
संकष्टी चतुर्थी के व्रत में रात्रि के समय चंद्र दर्शन और चंद्रमा को अर्घ्य देना अनिवार्य माना जाता है। चूंकि 3 जुलाई की रात को चतुर्थी तिथि विद्यमान रहेगी, इसलिए यह व्रत 3 जुलाई 2026 को ही रखा जाएगा।
कृष्णपिंगल संकष्टी चतुर्थी व्रत रखने और गणेश जी के ‘कृष्णपिंगल’ स्वरूप की पूजा करने से भक्तों के सभी दुखों का नाश होता है।
गणेश जी का ‘कृष्णपिंगल’ स्वरूप काले वर्ण का होता है इस रूप की पूजा करने से काम में आने वाली सभी बाधाओं और विघ्नों का अंत होता है जो भक्त इस दिन श्रद्धा और विधि अनुसार व्रत रखें तो भय, भ्रम और मानसिक तनाव से मुक्ति मिल जाती है।