-
मंगल, 30 जून 2026 ई-पेपर
- Hindi News »
- Religion »
- Amarnath Yatra Mystery Why The Himling Changes Size
अमरनाथ गुफा का ऐसा रहस्य, जिसे जानकर आज भी हैरान रह जाते हैं लोग! आखिर क्यों बदलता है हिमलिंग का आकार?
- Written By: सीमा कुमारी
Amarnath Yatra Mystery: अमरनाथ गुफा में बनने वाला प्राकृतिक हिमलिंग हर साल श्रद्धालुओं के लिए आस्था और रहस्य का विषय बन जाता है। जानिए इसके पीछे की धार्मिक मान्यताएं, अमरनाथ गुफा से जुड़े रोचक तथ्य।

अमरनाथ गुफा (सौ.AI)
Lord Shiva Amarnath Cave Story: भगवान शिव के सबसे पवित्र तीर्थों में गिने जाने वाले बाबा अमरनाथ धाम की वार्षिक यात्रा इस वर्ष 3 जुलाई 2026 से शुरू होकर 28 अगस्त, श्रावण पूर्णिमा तक चलेगी। करीब 57 दिनों तक चलने वाली इस यात्रा के लिए पंजीकरण प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है और देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए तैयारियां कर रहे हैं।
लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर अमरनाथ गुफा को इतना रहस्यमय क्यों माना जाता है? यहां बनने वाला प्राकृतिक हिम शिवलिंग आज भी आस्था के साथ-साथ जिज्ञासा का विषय बना हुआ है।
जहां विराजते हैं स्वयं भोलेनाथ
समुद्र तल से लगभग 3,888 मीटर की ऊंचाई पर जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में स्थित अमरनाथ गुफा को भगवान शिव का दिव्य धाम माना जाता है। यहां हर वर्ष प्राकृतिक रूप से बनने वाला हिम शिवलिंग लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र होता है।
सम्बंधित ख़बरें
तीन लोग साथ हों तो काम क्यों टालते हैं बड़े-बुजुर्ग? जानिए ‘तीन तिगाड़ा’ वाली मान्यता का असली कारण
सावन आने से पहले घर में छिपी ये 5 चीजें बदल सकती हैं आपकी किस्मत! कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती?
UP में धर्मांतरण के आरोपों के बीच नया मामला: बागपत के सिपाही ने हनी ट्रैप में फंसाने का लगाया आरोप
Ashadha Maas Blessings:आषाढ़ का ये रहस्य जान लिया तो खुल सकते हैं बरकत के द्वार
बिना किसी इंसान के बनता है हिम शिवलिंग
अमरनाथ गुफा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां बनने वाला बर्फ का शिवलिंग पूरी तरह प्राकृतिक प्रक्रिया से तैयार होता है। गुफा की छत से टपकने वाली पानी की बूंदें अत्यधिक ठंड में जमकर हिमलिंग का रूप ले लेती हैं। इसी कारण श्रद्धालु इसे बाबा बर्फानी के नाम से पूजते हैं।
आखिर क्यों घटता-बढ़ता रहता है इसका आकार?
लोकमान्यता है कि हिम शिवलिंग का आकार चंद्रमा की कलाओं के साथ बदलता रहता है। पूर्णिमा के समय यह अपेक्षाकृत बड़ा दिखाई देता है, जबकि अमावस्या के आसपास इसका आकार छोटा हो जाता है। यही विशेषता इसे रहस्य और आस्था का अनोखा संगम बनाती है।
यहीं सुनाई गई थी अमर कथा
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव ने माता पार्वती को अमरत्व का रहस्य इसी गुफा में सुनाया था। कहा जाता है कि इस रहस्य को कोई और न सुन सके, इसलिए भगवान शिव ने अपने वाहन नंदी, चंद्रमा, नाग, गणेश और पंचतत्व का त्याग कर इस निर्जन स्थान को चुना था। तभी से इस स्थान को अमरनाथ के नाम से जाना जाता है।
क्या सचमुच आज भी दिखते हैं अमर कबूतर?
एक प्रसिद्ध लोककथा के अनुसार अमर कथा सुनते समय गुफा में दो कबूतरों के अंडे रह गए थे। भगवान शिव के आशीर्वाद से वे अमर हो गए। आज भी अनेक श्रद्धालु गुफा के आसपास कबूतरों का जोड़ा देखने का दावा करते हैं और इसे बेहद शुभ संकेत मानते हैं।
यात्रा के दो प्रमुख रास्ते
अमरनाथ यात्रा के लिए दो मुख्य मार्ग हैं।
पहलगाम मार्ग – लगभग 36 से 48 किलोमीटर लंबा पारंपरिक रास्ता, जहां चढ़ाई अपेक्षाकृत आसान मानी जाती है।
बालटाल मार्ग – लगभग 14 से 16 किलोमीटर का छोटा लेकिन अधिक कठिन और खड़ी चढ़ाई वाला रास्ता।
ये भी पढ़ें-तीन लोग साथ हों तो काम क्यों टालते हैं बड़े-बुजुर्ग? जानिए ‘तीन तिगाड़ा’ वाली मान्यता का असली कारण
यात्रा पर निकलने से पहले जरूर रखें ध्यान
यात्रा से पहले अधिकृत पंजीकरण और स्वास्थ्य प्रमाणपत्र अवश्य बनवाएं। ऊंचाई वाले क्षेत्र में ऑक्सीजन कम होने के कारण स्वास्थ्य संबंधी सावधानी बरतें। गर्म कपड़े, रेनकोट, मजबूत ट्रैकिंग जूते और जरूरी दवाइयां साथ रखें। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करें तथा पर्यावरण को स्वच्छ रखने में सहयोग दें।
क्यों लाखों श्रद्धालु हर साल उठाते हैं यह कठिन सफर?
धार्मिक मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा और विश्वास के साथ बाबा अमरनाथ के दर्शन करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। माना जाता है कि इससे जीवन में सुख, शांति, साहस और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है। यही वजह है कि हर वर्ष कठिन मौसम और चुनौतीपूर्ण रास्तों के बावजूद लाखों श्रद्धालु इस पवित्र यात्रा में शामिल होते हैं।
Amarnath yatra mystery why the himling changes size
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
अमरनाथ गुफा का ऐसा रहस्य, जिसे जानकर आज भी हैरान रह जाते हैं लोग! आखिर क्यों बदलता है हिमलिंग का आकार?
Jun 30, 2026 | 08:20 PMभोपाल से दिल्ली तक मचेगा हड़कंप, उमंग सिंघार का बड़ा ऐलान; 1 अगस्त को देश भर के कलेक्टॉरेट घेरेगा विपक्ष
Jun 30, 2026 | 08:10 PM‘बेवजह परेशान हो रही पुलिस, धीरेंद्र शास्त्री पर्चा निकालकर बताए चोरों का नाम; राम मंदिर मामले पर टिकैत का तंज
Jun 30, 2026 | 08:05 PMबिहार में 15 अगस्त को 30 हजार भूमिहीनों को मिलेगी जमीन! सम्राट सरकार का ‘अभियान बसेरा-2’ प्लान तैयार
Jun 30, 2026 | 08:03 PMपर्यावरण संरक्षण पर हाईकोर्ट सख्त: 100 साल पुराने बरगद को काटने पर लगाई रोक; कहा- धरोहर को नहीं हटाया जा सकता
Jun 30, 2026 | 08:03 PMतीन लोग साथ हों तो काम क्यों टालते हैं बड़े-बुजुर्ग? जानिए ‘तीन तिगाड़ा’ वाली मान्यता का असली कारण
Jun 30, 2026 | 07:57 PMसिंधु जल समझौते पर पाकिस्तान की बड़ी साजिश! भारत के खिलाफ वैश्विक समर्थन जुटाने की तैयारी, जानें क्या है प्लान
Jun 30, 2026 | 07:52 PMवीडियो गैलरी

Indus Water Treaty: भारत के एक फैसले से पाकिस्तान परेशान! सिंधु के जल को लेकर मचा घमासान!, VIDEO
Jun 30, 2026 | 05:14 PM
प्रसव पीड़ा में तड़पती रही महिला, भाई ने तोड़ा अस्पताल का गेट; 20KM बाइक से तय किया सफर, देखें VIDEO
Jun 29, 2026 | 11:15 PM
राम मंदिर दान चोरी पर भड़के हुसैन दलवाई, चंपत राय पर साधा निशाना; UCC पर दिया बड़ा बयान, देखें VIDEO
Jun 29, 2026 | 11:10 PM
चीन-पाकिस्तान में सस्ता हुआ पेट्रोल, तो भारत में क्यों नहीं घट रहे दाम? सामने आई इसके पीछे की असली वजह- VIDEO
Jun 29, 2026 | 11:09 PM
3 साल की मासूम से दरिंदगी के दोषी को मिली फांसी की सजा, नवभारत न्यूजरूम में छिड़ी तीखी बहस; देखें VIDEO
Jun 29, 2026 | 10:47 PM
UP Electricity Crisis: UP में बिजली कटौती पर भड़के मंत्री अनिल कुमार, चीफ इंजीनियर की फोन पर लगाई क्लास- VIDEO
Jun 29, 2026 | 10:28 PM













