

Rambha Teej Shubh Muhurat And Puja Timing: आज, 17 जून को रंभा तीज मनाई जा रही है। हर साल ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला रंभा तीज का पर्व सुहागिन महिलाओं के अलावा, कुवारी कन्याओं में भी बड़ा महत्व रखता है।
सनातन धर्म में रंभा तीज का बड़ा धर्मिक महत्व बताया गया है। हिंदू धर्म में जिस तरह के हरियाली तीज, कजरी तीज और हरतालिका तीज का महत्व होता है।
इस दिन सुहागिन महिलाएं व्रत रखती हैं और भगवान शिव व माता पार्वती का विशेष पूजन करती है। मान्यता है कि रंभा तीज का व्रत रखने और शिव व माता पावर्ती का पूजन करने से सुहागिन महिलाओं को सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
साथ ही पति की आयु बढ़ती है और सौभाग्य का वरदान प्राप्त होता है। मान्यता ये भी है कि इस व्रत को रखने से मनचाहा जीवनसाथी मिलता है। इसलिए ये व्रत कुवारी कन्याओं के लिए भी खास महत्व रखता है।
ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि का आरंभ 16 जून, मंगलवार के दिन रात में 12 बजकर 53 मिनट पर शुरु है अगले दिन यानी आज 17 जून, बुधवार को रात में 9 बजकर 49 मिनट तक तृतीय तिथि समाप्त होगी। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, 17 जून को ही रंभा तीज का व्रत किया जाएगा।
रंभा की कथा समुद्र मंथन से जुड़ी हुई है। पौराणिक कथा के अनुसार जब देवता और असुर समुद्र का मंथन कर रहे थे, तो समुद्र से 14 रत्न निकले जिनमें एक रंभा अप्सरा भी थीं। रंभा बेहद खूबसूरत थी और उनके नृत्य संगीत से तीनों लोक मोहित हो गए थे।
रंभा की सुंदरता के कारण देवता और असुरों ने उन्हें अपने-अपने पक्ष में करने की कोशिश की, लेकिन रंभा ने किसी को भी नहीं चुना।