आज गणेश विसर्जन से पहले लगेगा राज पंचक फेरा, जानिए क्या पड़ेगा उत्सव पर प्रभाव
पंचक काल में पूजा पाठ समेत सभी प्रकार के मांगलिक कार्यों, शुभ चीजों की खरीददारी और नए कार्यों को शुरू करने की मनाही होती है। इस दौरान कब से कब तक पंचक लगेगा।17 सितंबर को गणेशजी का विसर्जन है इस दौरान सवाल सामने आ रहा है कि, क्या विसर्जन पर इसका असर पडे़गा।
- Written By: दीपिका पाल
छोटी प्रतिमाओं का विसर्जन होता है क्या (सौ.सोशल मीडिया)
गणेश विसर्जन को जहां पर कुछ दिन ही बाकी है वहीं पर इससे पहले ही गणेशोत्सव पर खलल डालने के लिए राज पंचक का फेरा लगने वाला है। यह समय को अशुभ माना जाता है तो वहीं पर इस दौरान कई कार्य बाधित रहते है। इसके अलावा इस दिन मांगलिक कार्यों की मनाही होती है।
जैसा कि, जानते है पंचक काल में पूजा पाठ समेत सभी प्रकार के मांगलिक कार्यों, शुभ चीजों की खरीददारी और नए कार्यों को शुरू करने की मनाही होती है। इस दौरान कब से कब तक पंचक लगेगा चलिए जानते है इस खबर में..
जानिए क्या रहेगा राज पंचक का समय
आपको बताते चलें कि, सितंबर महीने में पंचक 16 सितंबर सुबह 5 बजकर 45 मिनट से शुरू होगा और इसका समापन 20 सितंबर सुबह 5 बजकर 20 मिनट पर होगा। बताया जाता है कि, मंगलवार दिन से लगने के कारण यह राज पंचक कहला रहा है इस दौरान पंचक की स्थितियां अलग होती है। शतभिषा, धनिष्ठा, रेवती, पूर्व भाद्रपद या उत्तरा भाद्रपद में से किसी एक नक्षत्र में प्रवेश करता है तब पंचक का निर्माण होता है।
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क्या गणेश विसर्जन पर पड़ेगा इसका असर
आपको बताते चलें कि, सितंबर माह में पंचक काल 16 सितंबर से शुरु हो रहा है तो वहीं पर 17 सितंबर को गणेशजी का विसर्जन है इस दौरान सवाल सामने आ रहा है कि, क्या विसर्जन पर इसका असर पडे़गा।सितंबर माह में 16 सितंबर सुबह 5 बजकर 45 मिनट से शुरू होकर 20 सितंबर सुबह 5 बजकर 20 मिनट पर रहने वाला पंचक गणेश विसर्जन में बाधक नहीं होगा. भक्त गणेश चतुर्दशी को पूरे विधि-विधान से गणपति को विदा कर सकते हैं। इसके अलावा राज पंचक का पांच प्रकार के कार्यों में सफलता प्राप्ति का साधन माना जा रहा है।खासकर संपत्ति, सरकारी कार्य में सफलता के योग बनते हैं।
इस दौरान किन नियमों का करें पालन
आपको बताते चलें कि, पंचक के दौरान इन नियमों का पालन करना चाहिए।
- याद रखें कि, लकड़ी को जलाने की भी मनाही होती है इसलिए पंचक के 5 दिनों की अवधि में लकड़ी से जुड़ा कार्य भूलकर भी नहीं करना चाहिए।
- पंचक के नकारात्मक प्रभाव के कारण बीमारी की चपेट में आने का खतरा बना रहता है.पंचक के दौरान सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
