

Shri Premanand Ji Maharaj Mantra: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में इंसान अपने कर्मों, तनाव और चिंताओं के जाल में उलझता जा रहा है। लेकिन संतों के अनुसार, अगर आप हर रात सोने से पहले एक सच्चे भाव से प्रार्थना करें, तो आपका जीवन धीरे-धीरे बदलने लगता है। श्री प्रेमानंद जी महाराज भी यही बताते हैं कि यह कोई साधारण आदत नहीं, बल्कि आत्मा को परम शांति और सही दिशा देने का सबसे सरल मार्ग है।
जीवन में परिवर्तन लाने के लिए जरूरी है कि आप हर रात सोने से पहले श्री श्यामा-श्याम के चरणों में खुद को समर्पित करें। यह सिर्फ एक रिवाज नहीं, बल्कि एक साधक के लिए जीवनरेखा है। जब आप प्रार्थना करें, तो खुद को श्रेष्ठ दिखाने की कोशिश न करें, बल्कि अपने दिल की सच्चाई भगवान के सामने रखें।
भगवान के सामने खड़े होकर अपनी गलतियों को स्वीकार करें और कहें, "हे नाथ, मैं एक पापी हूँ, एक कुकर्मी हूँ जिसने आपकी आज्ञाओं के विरुद्ध कार्य किया है।" आप सोच सकते हैं कि भगवान एक पापी की रक्षा क्यों करेंगे? लेकिन सच्चाई यह है कि जो पहले से ही ज्ञानी और धर्मात्मा हैं, वे अपने बल पर खुद को संभाल सकते हैं। भगवान की असली कृपा तो उन लोगों के लिए होती है जो कमजोर, अज्ञानी और गिर चुके हैं। तभी उनके नाम “पतित-पावन” और “दीन-बंधु” सार्थक होते हैं।
मानव जीवन का सबसे महत्वपूर्ण क्षण मृत्यु का समय होता है। उस समय शरीर दर्द से गुजरता है और मन-बुद्धि काम करना बंद कर देते हैं। ऐसे समय भगवान को याद करना अपने प्रयास से संभव नहीं होता। इसलिए रोज प्रार्थना करें: "हे करुणामायी! जब मेरे प्राण निकल रहे हों, तब मेरे पिछले कुकर्मों अथवा जीवनभर की मेरी अवज्ञाओं की ओर मत देखना; बस मुझे अपनी स्मृति का वरदान प्रदान करना।"
हर व्यक्ति की अंतिम इच्छा यही होनी चाहिए कि जब शरीर छूटे, तो भगवान के चरणों में स्थान मिले। "मैं प्रार्थना करता हूँ कि मैं ऐसी नींद सो जाऊँ जिससे इस सांसारिक लोक में मैं कभी न जागूँ, और मेरी आँखें केवल आपके दिव्य धाम में ही खुलें।" यही सच्चा मोक्ष और आत्मा की शांति है।
जैसे एक छोटी सी चिंगारी पूरे घास के ढेर को जला सकती है, वैसे ही भगवान की कृपा आपके सारे पापों को समाप्त कर सकती है। चाहे आपने कितनी भी बड़ी गलतियां की हों, भगवान का सच्चा स्मरण और शरण ही मुक्ति का मार्ग है।
सच्चा भक्त धन, सुख और यहां तक कि मोक्ष को भी छोटा मानता है। उसके लिए सबसे बड़ा सुख भगवान के प्रेम में डूबना होता है।
चाहे आप नौकरी करते हों या परिवार संभालते हों, हर दिन भगवान का नाम लें और सोने से पहले यह प्रार्थना जरूर करें। अगर आप सच्चे मन से ऐसा करेंगे, तो अंत समय में भगवान खुद आपके मन में बस जाएंगे।