

Pradosh Vrat Shivling Abhishek Method: प्रदोष व्रत भगवान शिव की कृपा पाने का अत्यंत शुभ और प्रभावशाली दिन बताया गया है। विशेष रूप से प्रदोष काल में शिवलिंग का अभिषेक करना बहुत ही पुण्यदायी होता है। धार्मिक मान्यता है कि, इस दिन विधि-विधान से पूजा और अभिषेक करने पर भगवान शिव भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। इसलिए यदि आप अपनी किसी इच्छा की पूर्ति चाहते हैं, तो प्रदोष व्रत के दिन शिवलिंग का श्रद्धा से अभिषेक अवश्य करें।
पंचांग के अनुसार, इस वर्ष वैशाख महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 15 अप्रैल को रात 12 बजकर 12 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन 15 अप्रैल को रात 10 बजकर 31 मिनट पर होगा। पंचांग को देखते हुए 15 अप्रैल को प्रदोष व्रत रखा जाएगा। इस दिन प्रदोष काल का समय शाम को 06 बजकर 47 मिनट से 09 बजे तक है।
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