(फोटो सोर्स सोशल मीडिया)
नवभारत डेस्क : मां लक्ष्मी को सुख, समृद्धि, सौभाग्य और ऐश्वर्य की देवी कहा जाता है। मां लक्ष्मी को समर्पित महालक्ष्मी व्रत की शुरुआत भी बुधवार, 11 सितंबर से हो चुकी है, जिसका समापन 24 सितंबर 2024 को होगा। शुक्रवार का दिन भी मां लक्ष्मी को समर्पित। इन विशेष दिनों में मां लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा की जाती है। हिन्दू धार्मिक शास्त्रों के मुताबिक, सच्ची श्रद्धा से मां लक्ष्मी का व्रत-पूजन करने से साधकों को धन, सौभाग्य और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।
घर में सुख, समृद्धि और खुशहाली के लिए हिन्दू धर्म में आस्था रखने वाले लोग घरों में विशेष रूप से मां लक्ष्मी की पूजा करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि घर के मंदिर में मां लक्ष्मी की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करने के लिए भी कुछ स्थान और दिशाएं निर्धारित हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार इन खास स्थानों और दिशाओं में धन की देवी मां लक्ष्मी की तस्वीर रखना शुभ फलदायी माना जाता है। तो आइये जान लेते हैं इन दिशाओं और स्थानों के बारे में …………..
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के मंदिर में सुख-समृद्धि की देवी मां लक्ष्मी की प्रतिमा या तस्वीर हमेशा उत्तर दिशा में लगानी चाहिए। ऐसा करने से घर में सदा बरकत बनी रहेगी और सुख, समृद्धि व धन-संपत्ति की कमी नहीं आएगी। मां लक्ष्मी की तस्वीर या प्रतिमा को सदा घर के उत्तर-पूर्व में रखें। इसके साथ ही दक्षिण दिशा में कभी भी मां लक्ष्मी की तस्वीर न लगाएं। इससे घर में दरिद्रता आती है।
यदि आप मां लक्ष्मी की तस्वीर घर में लगाना चाहते हैं तो ध्यान रखें कि तस्वीर को घर के उत्तर-पूर्व कोने के उत्तर या पूर्व भाग में लगाएं। ध्यान रखें कि मां लक्ष्मी की प्रतिमा का मुख पश्चिम दिशा की ओर हो। मंदिर में मां लक्ष्मी की मूर्ति स्थापित करते समय ध्यान रखें कि मूर्ति गणेश जी के दाईं ओर और भगवान विष्णु के बाईं ओर हो।
घर के मंदिर में माता लक्ष्मी की मूर्ति स्थापित करते समय भी कई बातों का ध्यान रखना जरूरी है। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार कभी भी खंडित मूर्ति को घर में नहीं रखना चाहिए। मूर्ति या तस्वीर टूट-फूट या खराब हो गई है तो किसी नदी में उसे प्रवाहित कर देना चाहिए। इसके अलावा कभी भी घर में लक्ष्मी जी की खड़ी अवस्था वाली मूर्ति नहीं रखनी चाहिए। इससे घर में धन नहीं टिकता तथा व्यर्थ में खर्च होता रहता है। सदैव मां की ऐसी मूर्ति घर में रखें जिसमें वे कमल के फूल में विराजमान हों और बैठी अवस्था में हों। इसके अलावा ऐसी तस्वीर रखने से भी बचें जिसमें देवी मां का वाहन उल्लू और माता एक ही तस्वीर में हों।
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के मंदिर में मां लक्ष्मी की एक से अधिक मूर्तियां भी नहीं रखनी चाहिए। मूर्ति बहुत अधिक बड़ी भी नहीं होनी चाहिए। मां लक्ष्मी की प्रतिमा को लाल रंग के आसन में विराजमान करना चाहिए। पूजा के दौरान मां को लाल रंग के पुष्प कमल, गुलाब या गुड़हल अर्पित करने चाहिए। इससे मां की विशेष कृपा प्राप्त होती है। साथ ही भोग में खीर या दूध से बनी मिठाइयां अर्पित करना शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान घी का दीपक जलाकर मां से सुख, समृद्धि और सौभाग्य की कामना करनी चाहिए।