करवा चौथ के नियम , (सो.सोशल मीडिया)
Karwa Chauth 2024: हर साल कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ का पर्व पूरे देशभर में बेहद उत्साह के साथ मनाया जाता है। करवा चौथ का व्रत पति-पत्नी के बीच प्यार और स्नेह को मजबूत करता है। इस दिन महिलाएं पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और तरक्की के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। मान्यता है कि इस उपवास को रखने से रिश्ते में मजबूती बनी रहती है।
वही, जो महिलाएं शादी के बाद पहली बार इस व्रत को रखने जा रही हैं, उन्हें कुछ खास नियमों का पालन जरूर करना चाहिए, तो आइए उन नियमों के बारे में जानते हैं।
इन नियमों का करें पालन
ज्योतिष- शास्त्र के अनुसार, यदि आप शादी के बाद पहला करवा चौथ का व्रत रखी रही हैं, तो पूजा में पूरे सोलह श्रृंगार के साथ बैठना चाहिए। इस दिन शादी का जोड़ा पहनना और भी फलदायक होता है। इससे अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है।
इस दिन व्रत का पारण हमेशा चंद्र दर्शन और चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद पति के हाथों से पानी पीकर करना चाहिए। इससे उपवास का संपूर्ण फल मिलता है।
करवा चौथ के भोजन में भूलकर भी लहसुन प्याज का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। साथ ही घर में भी इस दिन प्याज-लहसुन का उपयोग न करें।
करवा चौथ पर करवा माता की पूजा का विधान है। इस दिन माता की पूजा और करवा चौथ की व्रत कथा अवश्य सुननी चाहिए। इससे शुभ परिणामों की प्राप्ति होती हैं।
इस दौरान सुहागिन महिलाओं के लिए बायना जरूर निकालें। इसे देते समय उनके पैर छुएं।
करवा चौथ पति-पत्नी के बीच प्रेम विश्वास का प्रतीक है। इस दिन किसी भी तरह की लड़ाई-झगड़ा न करें। साथ ही किसी को भी अपशब्द न बोलें।
करवा चौथ 2024 मुहूर्त और चंद्रोदय का समय
कार्तिक माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि आरंभ- 20 अक्टूबर को सुबह 6 बजकर
46 मिनट से चतुर्थी तिथि समाप्त- 21 अक्टूबर को सुबह 4 बजकर 16 मिनट पर
करवा चौथ पूजा मुहूर्त- शाम 5 बजकर 46 से शाम 7 बजकर 2 मिनट तक
करवा चौथ के दिन चंद्रोदय का समय – 20 अक्टूबर को शाम 7 बजकर 54 मिनट पर