भाई दूज के दिन यमराज के नाम जलाएं ‘यह’ विशेष दीया, मिलेगा वैभवपूर्ण दीर्घायु जीवन
रक्षाबंधन की तरह ही भाई दूज का पर्व भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक है। इस दिन पर बहनें अपने भाई का तिलक करती हैं और भाई अपनी बहनों को कुछ-न-कुछ उपहार देते हैं। ऐसे में ज्योतिषयों के अनुसार इस दिन कुछ उपाय करने से भाई-बहन के जीवन में धन, यश, आयु और बल में वृद्धि होती है।
- Written By: सीमा कुमारी
भाई दूज के दिन करें ये उपाय
Bhai dooj 2024:भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक भाई दूज का पावन पर्व हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। हिन्दू धर्म में यह पर्व विशेष महत्व रखता है।
इस बार भाई दूज का पावन पर्व 3 नवंबर 2024, दिन रविवार को मनाया जाएगा। भाई दूज का पर्व दिवाली के दो दिन बाद यानी द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। इस त्योहार को कई जगहों पर यम द्वितीया, भाऊबीज, भात्र द्वितीया और भतरु द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है।
रक्षाबंधन की तरह ही यह पर्व भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक है। इस दिन पर बहनें अपने भाई का तिलक करती हैं और भाई अपनी बहनों को कुछ-न-कुछ उपहार देते हैं। ऐसे में ज्योतिषयों के अनुसार इस दिन कुछ उपाय करने से भाई-बहन के जीवन में धन, यश, आयु और बल में वृद्धि होती है। आइए जानते है इन उपायों के बारे में –
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ज्योतिष- शास्त्र के अनुसार, भाई दूज के मौके पर भाई-बहन को पवित्र नदी यमुना में स्नान करना चाहिए। इससे जीवन में खुशहाली और बरकत आती है।
वहीं, संध्याकाल में घर के बाहर चार बत्तियों से वाला दीपक अर्थात यम दीपक जलाकर दीपदान करें। ऐसा माना जाता है कि यम का दीपक जलाने से अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता।
कहा जाता है कि, भैया दूज के दिन बहनों को यमराज के नाम से चौमुखी दीपक जलाकर घर के बाहर रखना चाहिए। इससे भाई की आयु बढ़ती है।
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इस दिन भाई को बहन के घर जाना चाहिए और भाई को तिलक लगाकर खाना खिलाकर स्वागत करना चाहिए। ऐसा करने से दोनों के जीवन में खुशहाली बनी रहती है।
ज्योतिषयों की मानें तो, भाई दूज पर पूजा करने के लिए सबसे पहले आटा से चौक बनाएं। इसके बाद भाई को इस चौक पर पूर्व की ओर मुंह करके बिठाएं और भाई के सिर पर फूल, पान, सुपारी और पैसा रखकर माथे पर तिलक करें।
इसके बाद तिलक लगाने के बाद भाई के हाथों में कलावा बांधे और हमेशा रक्षा करने का संकल्प लें। इससे भाई-बहन का प्यार बरकरार रहता है।
