षटतिला एकादशी पर श्री हरि विष्णु को लगाएं उनकी पसंदीदा चीजों का भोग, मिलेगा अभय वरदान
इस साल षटतिला एकादशी का व्रत 25 जनवरी को रखा जाएगा। वहीं, जो भक्त इस दिन भगवान विष्णु को उनका प्रिय भोग अर्पित करते हैं, उन्हें सुख-शांति का वरदान मिलता है।
- Written By: सीमा कुमारी
विष्णु जी को लगाएं इन 3 चीजों का भोग,(सौ.सोशल मीडिया)
Shattila Ekadashi 2025:सृष्टि के संचालक भगवान विष्णु को समर्पित एकादशी का व्रत सनातन में बड़ा महत्व रखता है। इस साल षटतिला एकादशी का व्रत 25 जनवरी को रखा जाएगा। यह पर्व हर साल माघ माह के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि के अगले दिन मनाई जाती है। इस दिन भगवान विष्णु संग मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। साथ ही एकादशी का व्रत भी रखा जाता है।
मान्यता है कि जो भी भक्त इस व्रत को रखते हैं उनपर भगवान विष्णु की कृपा सदैव के लिए बनी रहती है। इसके साथ ही सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती हैं।
वहीं, जो भक्त इस दिन भगवान विष्णु को उनका प्रिय भोग अर्पित करते हैं, उन्हें सुख-शांति का वरदान मिलता है, तो ऐसे में आइए जानते है भगवान विष्णु का प्रिय भोग क्या है-
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षटतिला एकादशी पर विष्णु जी को लगाएं इन 3 चीजों का भोग
पंचामृत का भोग
ज्योतिषयों के अनुसार, भगवान विष्णु को पंचामृत का प्रसाद सभी पूजा-अनुष्ठान में जरूर चढ़ाना चाहिए, क्योंकि इसके बिना उनका भोग पूर्ण नहीं माना जाता है। साथ ही इसे चढ़ाने से श्री हरि प्रसन्न होते हैं।
तिल के लड्डू का भोग
इस दिन भगवान विष्णु को तिल के लड्डू का भोग अवश्य लगाना चाहिए, क्योंकि माघ माह में तिल का विशेष महत्व है। इस तिथि पर विष्णु जी को तिल के लड्डू चढ़ाने से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।
पंजीरी का भोग
कहते है, षटतिला एकादशी पर नारायण को पंजीरी का भोग लगाने से सुख-शांति और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। साथ ही घर में बरकत आती है।
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जानिए सफला एकादशी 2024 मुहूर्त और पारण का समय
एकादशी तिथि प्रारंभ 25 दिसंबर को रात 10 बजकर 29 मिनट पर
एकादशी तिथि समाप्त- 27 दिसंबर को रात 12 बजकर 43 मिनट पर
सफला एकादशी पारण का समय- 27 दिसंबर को सुबह 7 बजकर 12 मिनट से सुबह 9 बजकर 16 मिनट तक
