नवरात्रि के छठे दिन करें ये काम, मनचाही जीवन संगिनी से लेकर करियर में मिलेगी तरक्की

Maa Katyayani Devotional Practices: नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा से न केवल विवाह संबंधी इच्छाएं पूरी होती हैं, बल्कि करियर और प्रतियोगिताओं में भी सफलता मिलती है।
Navratri Chhath Day Puja:
मां कात्यायनी(सौ. Gemini)
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Navratri Chhath Day Puja: मंगलवार, 24 मार्च को चैत्र नवरात्र का छठा दिन है। इस दिन देवी दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। इस बार नवरात्र के छठे दिन विशेष सयोग भी बन रहा है। क्योंकि, इस दिन स्कंद षष्ठी व्रत के साथ मंगलवार का दिन भी पड़ रहा है। जिसके वजह से इस दिन का महत्व और बढ़ गया है। ज्योतिषयों के अनुसार, इस विशेष सयोग पर कुछ ज्योतिष उपाय करने से स्वास्थ्य ठीक रहता है और भय, बाधाएं या विवाह संबंधी समस्याओं से मुक्ति मिलती है।

मां कात्यायनी की उपासना का महत्व

नवरात्रि पूजा के छठे दिन देवी के कात्यायनी स्वरूप की उपासना की जाती है। इस दिन साधक का मन 'आज्ञा चक्र' में स्थित होता है। योग साधना में इस चक्र का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। इस चक्र में स्थित मन वाला साधक मां कात्यायनी के चरणों में अपना सर्वस्व निवेदित कर देता है। परिपूर्ण आत्मदान करने वाले ऐसे भक्त को सहज भाव से मां कात्यायनी के दर्शन प्राप्त हो जाते हैं।

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नवरात्रि के छठे दिन के मुख्य उपाय

  • विवाह के लिए: शीघ्र विवाह के लिए, पूजा के दौरान मां कात्यायनी को हल्दी की 6 गांठें अर्पित करें।
  • प्रेम संबंधों में सफलता:माता को 3 हल्दी की गांठ और पान का पत्ता चढ़ाएं।
  • भोग: मां कात्यायनी को शहद, पीले फल, आम, केला या केसरिया हलवे का भोग लगाना अत्यंत शुभ है।
  • धन संबंधी उपाय: एक नारियल लें और उसके साथ लाल, पीले और सफेद फूल मां को अर्पित करें। इस नारियल को लाल कपड़े में लपेटकर तिजोरी में रखें और नवमी को फूल जल में प्रवाहित कर दें।
  • भाग्य के लिए: कुमकुम, कपूर, सिंदूर, घी और शहद मिलाकर पेस्ट बना लें और मां कात्यायनी को तिलक लगाएं। फिर उसमें से थोड़ा टीका अपने माथे पर लगाएं।
  • दाम्पत्य जीवन को खुशहाल: अगर आप विवाहित हैं और आप चाहते हैं कि आपके रिश्ते की मजबूती हमेशा बरकरार रहे, आपके दाम्पत्य रिश्ते में प्यार कभी भी कम न हो, तो आज आपको स्नान आदि के बाद मां कात्यायनी की धूप-दीप, पुष्प और अनार के पत्तों से पूजा करनी चाहिए और माता के इस मंत्र का 21 बार जप करना चाहिए ।

विशेष मंत्र: "कात्यायनी महामाये महायोगिन्यधीश्वरी..." का जाप करें।

  • पूजा का रंग: इस दिन पीले या नारंगी रंग के कपड़े पहनकर पूजा करना शुभ फलदायी होता है।

इन बातों का रखें खास ख्याल

पूजा में पीले रंग के फूलों का प्रयोग करें और माता के समक्ष घी का दीपक जलाएं।

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