मां दुर्गा(सौ.सोशल मीडिया)
Navratri Prasad List For Maa: चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक हैं। यह पर्व मां दुर्गा को समर्पित होता हैं। हर साल पूरे देश में इस पर्व को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता हैं। नवरात्रि के नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती हैं।
नवरात्रि के हर दिन मां दुर्गा के अलग रूप की पूजा की जाती है और उन्हें खास भोग अर्पित किया जाता है। माना जाता है कि हर देवी को उनकी पसंद का भोग लगाने से विशेष कृपा मिलती है। ऐसे में आइए जानते हैं सभी नौ माताओं के प्रिय भोग कौन से हैं।
चैत्र नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा -अर्चना होती है। इस दिन मां शैलपुत्री को प्रसन्न करने के लिए खीर का भोग लगाना शुभ बताया गया है। कहा जाता है कि ऐसा करने से मां शैलपुत्री प्रसन्न होती है निरोगी काया का वरदान देती है।
चैत्र नवरात्रि के दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी की आराधना के लिए समर्पित है। नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी को मिश्री या मीठी चीजों का भोग लगाने से घर में सुख-शांति होती है।
चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा होती है। इस दिन दूध से बनी चीजें अर्पित करना शुभ होता है, जिससे दुख दूर होते हैं।
चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है। इन्हें मालपुआ का भोग लगाना अच्छा माना जाता है।
चैत्र नवरात्रि के पांचवे दिन मां स्कंदमाता की आराधना होती है। इस दिन केला या केले से बनी चीजों का भोग लगाया जाता है।
चैत्र नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा होती है। इस दिन शहद का भोग अर्पित करना शुभ माना जाता है, जिससे आकर्षण और तेज बढ़ता है।
चैत्र नवरात्रि के सातवे दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाती है। इस दिन गुड़ का भोग लगाना अच्छा माना जाता है, जिससे डर और संकट दूर होते हैं।
चैत्र नवरात्रि के आठवें दिन मां महागौरी की आराधना होती है। उन्हें नारियल या नारियल से बनी चीजें अर्पित की जाती हैं, जिससे मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
चैत्र नवरात्रि के अंतिम दिन यानी नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। इस दिन हलवा-पूरी, चना और नारियल का भोग लगाना बहुत शुभ माना जाता है।