छठ पूजा में इन बातों का अवश्य करें पालन, मिलेगी छठ मैया की विशेष कृपा

नहाय-खाय के साथ छठ पूजा की शुरुआत हो चुकी है। छठी मैया को समर्पित यह पर्व हर साल कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से शुरु होती है और 4 दिनों तक चलता है। यह पर्व बिहार समेत देश के विभिन्न हिस्सों में चार दिनों तक बहुत ही धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। छठ पूजा में व्रतधारी 36 घंटो तक निर्जला व्रत करते हैं। यह व्रत संतान प्राप्ति, संतान की लंबी उम्र और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए रखी जाती है। यह व्रत जितना कठिन है उतने ही कठिन इसके नियम हैं।
छठ पूजा में इन बातों का अवश्य करें पालन
छठ पूजा में इन बातों का अवश्य करें पालन
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chhath puja 2024:नहाय-खाय के साथ छठ पूजा की शुरुआत हो चुकी है। छठी मैया को समर्पित यह पर्व हर साल कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से शुरु होती है और 4 दिनों तक चलता है। यह पर्व बिहार समेत देश के विभिन्न हिस्सों में चार दिनों तक बहुत ही धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।

छठ पूजा में व्रतधारी 36 घंटो तक निर्जला व्रत करते हैं। यह व्रत संतान प्राप्ति, संतान की लंबी उम्र और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए रखी जाती है। यह व्रत जितना कठिन है उतने ही कठिन इसके नियम हैं।

मान्यता है कि विधि-विधान और नियमों का पालन करते हुए इस व्रत को करने से छठी मैया हर मनोकामना पूर्ण करती है। आइए जानते हैं छठ पर्व से जुड़े कठिन नियम-

इन नियमों का रखें ध्यान छठ पूजा में

ज्योतिष-शास्त्र के अनुसार, 4 दिनों तक चलने वाले छठ पर्व में प्याज व लहसुन का सेवन वर्जित माना जाता है। इन दिनों बिना लहसुन-प्याज का खाना बनाया जाता है।

छठ पूजा में यदि छठी मैया को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो साफ-सफाई का खास ध्यान रखें। बिना नहाए पूजा के किसी भी सामान को हाथ न लगाएं।

जो महिलाएं छठ का व्रत करती हैं उन्हें पलंग या चारपाई पर नहीं सोना चाहिए, बल्कि जमीन पर बिस्तर करना चाहिए।

सूर्य भगवान को अर्घ्य दिया जाता है और मान्यता है कि पूजा अर्घ्य के लिए प्लास्टिक, चांदी व स्टील के बर्तनों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

छठ का प्रसाद तैयार करते समय उसे गलती से भी टेस्ट नहीं करना चाहिए इससे वह झूठा हो जाता है।

ध्यान रखें कि जहां आप प्रसाद बना रहे हैं, वहां पहले खाना न बनता हो। पूजा के दौरान हमेशा साफ-स्वच्छ वस्त्र ही पहनने चाहिए।

य​दि आपने छठ का व्रत किया बिना सूर्य को अर्घ्य दिए किसी भी चीज का सेवन न करें।

छठ पर्व के दौरान घर में शराब और मांसाहारी भोजन न बनाना चाहिए और न ही सेवन करना चाहिए।

छठ पूजा के दौरान घर में किसी को भी फलों का सेवन करने की अनुमति नहीं होती। पूजा समाप्त होने के बाद ही फलों का सेवन किया जा सकता है।

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