भगवान शिव (सौ.सोशल मीडिया)
Bholenath Ko Kaise Khush Kare: कल 17 मार्च को साल 2026 की पहली चैत्र मासिक शिवरात्रि मनाई जा रही है। हर महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाने वाली मासिक शिवरात्रि का अपना अलग ही महत्व होता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा होती है। शिवभक्तों के लिए तो ये दिन बेहद ही खास होता है।
हिंदू धर्म मान्यताओं के हिसाब से जो लोग मासिक शिवरात्रि को पूजा पाठ करते हैं और व्रत रखते हैं, उनकी जिंदगी के सारे दुख खत्म हो जाते हैं।
ज्योतिषयों के अनुसार,मासिक शिवरात्रि के दौरान कुछ गलतियों को करने से बचना चाहिए। आइए जानते हैं कि आखिर इस दिन कौन-कौन सी गलतियों को करने से बचना चाहिए।
ज्योतिषयों का मानना है कि, मासिक शिवरात्रि के दौरान मास-मदिरा और लहसुन-प्याज नहीं खाना चाहिए। दरअसल इस दौरान तामसिक भोजन खाने की मनाही होती है।
मासिक शिवरात्रि पर अगर आप व्रत रख रहे हैं तो इसे पूरा जरूर करें। बीच में अगर ये व्रत टूटता है तो इसे शुभ नहीं माना जाता है।
जब आप शिवलिंग की पूजा करें तो इस दौरान किसी भी अशुद्ध वस्तु को प्रयोग में ना लेकर आए। इससे ये पूजा अधूरी मानी जाती है।
मासिक शिवरात्रि वाले दिन मन को शांत रखें। किसी से ईर्ष्या की भावना ना करें। ना ही गुस्सा करें और बहसबाजी से तो बिल्कुल बचें।
मासिक शिवरात्रि वाले दिन धूम्रपान ना करें। साथ किसी भी तरह के नशीले पदार्थ के सेवन से बचना चाहिए।
शास्त्रों के अनुसार, महादेव की पूजा में काले रंग के कपड़े पहनना शुभ नहीं माना जाता है।
शिवलिंग पर कभी भी केतकी का फूल और सिंदूर (हल्दी-कुंकुम) न चढ़ाएं। यह शिव पूजा में वर्जित माना गया है।
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ सफेद या हल्के रंग के वस्त्र पहनें।
शिवरात्रि की रात आध्यात्मिक ऊर्जा की रात मानी जाती है। इस दिन शरीर और मन दोनों से ब्रह्मचर्य का पालन करना आवश्यक होता है।
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यदि आप इस दिन व्रत नहीं भी कर रहे हैं, तब भी केवल सात्विक आहार का ही सेवन करें।
यदि संभव हो, तो रात में जागकर शिव चालीसा, रुद्राष्टकम या शिव भजनों का पाठ करें।