

Mangla Gauri Vrat Me Kya Kare : आज 11 अगस्त 2026, मंगलवार को सावन का दूसरा मंगला गौरी व्रत रखा जा रहा है। साथ ही सावन शिवरात्रि का पावन पर्व भी मनाया जा रहा है। जिस वजह से इस दिन का महत्व और भी बढ़ गया है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन मां पार्वती और भगवान शिव की पूजा करने का विधान है। ये व्रत विशेष रूप से सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए रखती है।
इसी कड़ी में आज हम आपको बताते है आज के दिन की पूजा विधि और वे खास काम जो सुहागिन महिलाओं को जरूर करने चाहिए
पूजा के लिए सावन के इस पावन दिन पर निम्नलिखित शुभ मुहूर्त रहेंगे
ब्रह्म मुहूर्त (प्रातः साधना): सुबह 04:49 बजे से 05:34 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त (सर्वश्रेष्ठ समय): दोपहर 12:18 बजे से 01:09 बजे तक
विजय मुहूर्त (शुभ कार्य हेतु): दोपहर 02:52 बजे से 03:43 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 07:09 से 07:31 तक
संध्या पूजा: शाम 07:09 से 08:16 तक
हिन्दू धर्म में श्रावण (सावन) मास के प्रत्येक मंगलवार को रखा जाने वाला मंगला गौरी व्रत माता पार्वती (गौरी) को समर्पित है। सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए यह व्रत करती हैं, जबकि अविवाहित कन्याएं मनपसंद वर की प्राप्ति हेतु इसकी आराधना करती है।
इस बार 11 अगस्त को मंगला गौरी व्रत के साथ सावन शिवरात्रि भी पड़ रही है। सावन शिवरात्रि भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष दिन माना जाता है। ऐसे में आज शिव-पार्वती की एक साथ पूजा करना भक्तों के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखता है।
सुहागिन महिलाएं मंगला गौरी व्रत के दौरान मां पार्वती की पूजा करने के साथ भगवान शिव का भी जलाभिषेक कर सकती है। शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और फूल अर्पित करके भगवान शिव का ध्यान करें। मान्यता है कि शिव-पार्वती की संयुक्त आराधना से दांपत्य जीवन में प्रेम और सुख-शांति की कामना की जाती है।