15 जून को मनाई जाएगी महेश नवमी, जानिए इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त
महेश नवमी के दिन भगवान महेश और मां पार्वती ने ऋषियों के श्राप से पत्थर हो चुके 72 क्षत्रियों को शाप मुक्त किया था। इसके बाद उन क्षत्रियों को माता पार्वती ने आशीर्वाद दिया था कि तुम्हारे कुल पर हमारी छाप रहेगी और तुम्हारा वंश माहेश्वरी के नाम से जाना जाएगा।
- Written By: दीपिका पाल
महेश नवमी 2024 (सोशल मीड़िया)
भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कई प्रमुख व्रत-त्योहार मनाए जाते हैं, ‘महेश नवमी’ (Mahesh Navami 2024) भी इनमें से एक है। ये पर्व हर साल ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि के दिन मनाया जाता है। इस साल ये पावन पर्व 15 जून 2024, शनिवार के दिन मनाया जाएगा।
तिथि और पूजा मुहूर्त
महेश नवमी का पावन पर्व हर साल ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है। साल 2024 में 15 जून को यह तिथि है। शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि का आरंभ 14 तारीख की रात्रि में 12 बजकर 5 मिनट से हो जाएगा और 15 तारीख की देर रात 2 बजकर 34 मिनट तक यह तिथि व्याप्त रहेगी।
उदया तिथि की मान्यता के अनुसार 15 जून को ही महेश नवमी मनाई जाएगी। इस दौरान पूजा के लिए शुभ मुहूर्त 15 जून सुबह 7 बजकर 8 मिनट से 8 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। शुभ मुहूर्त में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करना आपके लिए हितकारी साबित होगा।
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ऐसे करें ‘महेश नवमी’ पूजा
महेश नवमी के दिन शिवलिंग और शिव परिवार का पूजन-अभिषेक किया जाता है।
चंदन, भस्म, पुष्प, गंगा जल, मौसमी फल और बिल्वपत्र चढ़ाकर पूजन कियाजाता है।
डमरू बजाकर भगवान शिव की आराधना की जाती है।
पीतल का त्रिशूल चढ़ाया जाता है। कथा का श्रवण किया जाता है।
महेश नवमी की महिमा
मान्यताओं के अनुसार, महेश नवमी के दिन भगवान महेश और मां पार्वती ने ऋषियों के श्राप से पत्थर हो चुके 72 क्षत्रियों को शाप मुक्त किया था। इसके बाद उन क्षत्रियों को माता पार्वती ने आशीर्वाद दिया था कि तुम्हारे कुल पर हमारी छाप रहेगी और तुम्हारा वंश माहेश्वरी के नाम से जाना जाएगा।
इसलिए माहेश्वरी समाज में महेश नवमी के दिन भगवान शिव की पूजा आराधना का बड़ा महत्व है। माना जाता है कि इस दिन भगवान शिव के महेश रूप की आराधना करने से दुख और विपदाओं से मुक्ति मिल जाती है। लेखिका-सीमा कुमारी
