

Which Flowers To Offer Lord Shiva: सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति और आराधना का सबसे पावन समय माना जाता है। इस पूरे माह में शिवालयों में भक्तों की भीड़ उमड़ती है और शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, भांग, धतूरा और पुष्प अर्पित किए जाते हैं। मान्यता है कि भगवान शिव अत्यंत सरल स्वभाव के देव हैं। उन्हें दिखावा या वैभव नहीं, बल्कि सच्ची श्रद्धा और निष्कपट भक्ति प्रिय है।
महादेव को औघड़दानी और भोलेनाथ इसलिए कहा जाता है क्योंकि वे प्रेमपूर्वक अर्पित की गई छोटी-सी भेंट से भी प्रसन्न हो जाते हैं। शिव पुराण और अन्य धार्मिक ग्रंथों में भगवान शिव को अर्पित किए जाने वाले फूलों और पत्तियों का विशेष महत्व बताया गया है। आइए जानते हैं कि सावन में कौन-कौन से पुष्प भगवान शिव को अर्पित करना शुभ माना जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान शिव को शमी अत्यंत प्रिय है। कहा जाता है कि शमी की एक पत्ती अर्पित करने का पुण्य हजार बेलपत्र चढ़ाने के समान माना जाता है। शमी के फूल और पत्तियां श्रद्धापूर्वक अर्पित करने से जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
यदि दांपत्य जीवन में प्रेम और मधुरता बनाए रखने की कामना हो तो भगवान शिव को बेला के फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि शिवलिंग पर बेला के फूल चढ़ाकर अर्घ्य देने से योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति होती है और वैवाहिक जीवन सुखमय बनता है।
शिव उपासना में अलसी के फूल का भी विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसे अर्पित करने से पापों का क्षय होता है और साधक को भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
सफेद आंकड़े को मदार का फूल भी कहा जाता है। यह पुष्प भगवान शिव की पूजा में विशेष रूप से चढ़ाया जाता है। मान्यता है कि श्रद्धा से मदार के फूल अर्पित करने पर मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है और शिव कृपा बनी रहती है।
भगवान शिव को कनेर का फूल भी अत्यंत प्रिय माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि शिवलिंग पर कनेर का पुष्प अर्पित करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा धन, वैभव और उन्नति का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
अगर जीवन में मान-सम्मान और प्रतिष्ठा बढ़ाने की इच्छा हो तो भगवान शिव को अगस्त्य के फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है।
हरसिंगार, जिसे पारिजात भी कहा जाता है, भगवान शिव की पूजा में विशेष महत्व रखता है। इस सुगंधित पुष्प को अर्पित करने से सुख, वैभव और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने की मान्यता है।
धतूरे का फूल भगवान शिव को अत्यंत प्रिय माना जाता है। विशेषकर शिवरात्रि या सावन में इसे चढ़ाने से संतान सुख और पारिवारिक खुशहाली का आशीर्वाद मिलने की मान्यता है।
जूही के फूल अर्पित करने से दुख-दरिद्रता दूर होती है और घर में अन्न-धन की कभी कमी नहीं रहती, जबकि चमेली के फूल भगवान शिव को अर्पित करने से जीवन में सकारात्मकता और मानसिक शांति का संचार होता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव की पूजा में कुछ फूलों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं-
भगवान शिव को हमेशा ताजे, सुगंधित और स्वच्छ फूल ही अर्पित करें। मुरझाए, गिरे हुए या दूषित फूल चढ़ाने से बचें। पूजा में सबसे अधिक महत्व श्रद्धा, भक्ति और शुद्ध भाव का होता है। सच्चे मन से की गई शिव आराधना से भोलेनाथ शीघ्र प्रसन्न होकर अपने भक्तों पर कृपा बरसाते हैं।