

Kokila Vrat Date 28 July : कल 28 जुलाई को कोकिला व्रत रखा जाएगा। यह व्रत खासतौर पर सुहागिन महिलाओं और विवाह योग्य कन्याओं के लिए महत्वपूर्ण बताया गया है। इस व्रत को मध्यप्रदेष, राजस्थान, गुजरात में मुख्य रूप से मनाया जाता है। धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि,इस व्रत को करने से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति एवं ख़ुशहाली बनी रहती है और पति की लंबी उम्र की कामना भी पूरी होती है। वहीं, कुंवारी कन्याओं को योग्य और मनचाहे वर की प्राप्ति होती है।
द्रिक पंचांग के अनुसार, साल 2026 में आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 28 जुलाई, मंगलवार को शाम 6 बजकर 18 मिनट पर होगी। वहीं, पूर्णिमा तिथि का समापन 29 जुलाई, बुधवार को रात 8 बजकर 5 मिनट पर होगा। उदयातिथि के अनुसार, इस साल कोकिला व्रत 28 जुलाई 2026, मंगलवार को रखा जाएगा।
कोकिला व्रत के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के लिए प्रदोष काल का समय भी शुभ माना जाता है। 28 जुलाई 2026 को प्रदोष पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 7 बजकर 15 मिनट से रात 9 बजकर 20 मिनट तक रहेगा। बताया जा रहा है कि, कोकिला व्रत पूजा के लिए कुल 2 घंटे 5 मिनट का समय मिलेगा। श्रद्धालु इस शुभ समय में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर सकते हैं।
सनातन हिन्दू धर्म में कोकिला व्रत का बड़ा महत्व बताया गया है। यह व्रत विशेष रूप से अविवाहित कन्याओं के लिए शुभ माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि जो युवतियां इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत रखकर शिव-पार्वती की पूजा करती हैं, उन्हें योग्य और मनचाहा जीवनसाथी प्राप्त हो सकता है। भगवान शिव और माता पार्वती को आदर्श दंपति के रूप में देखा जाता है, इसलिए उनकी आराधना से वैवाहिक जीवन सुखमय होने की कामना की जाती है।