मोक्षदा एकादशी को भूल से भी तुलसी को अर्पित न करें जल, व्रत फलित होने के लिए करें ये काम

Mokshada Ekadash: शास्त्रों के अनुसार, इस दिन पूजा पाठ के साथ-साथ तुलसी से संबंधित कुछ बातों का भी ध्यान अवश्य रखना चाहिए। कहा जाता है कि ऐसा करने श्री हरि का आशीर्वाद बना रहता है।
मोक्षदा एकादशी को भूल से भी तुलसी को अर्पित न करें जल, व्रत फलित होने के लिए करें ये काम
मोक्षदा एकादशी पर तुसली जुड़े इन बातों का रखें ध्यान (सौ.सोशल मीडिया)
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Mokshada Ekadashi Tulsi Upay 2025: हर साल अगहन यानी मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मोक्षदा एकादशी मनाया जाता है। इस शुभ अवसर पर गीता जयंती भी मनाई जाती है। एकादशी का दिन जगत के पालनहार भगवान विष्णु की कृपा पाने का शुभ अवसर होता है। इस दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा और व्रत किया जाता है ऐसा करने से जीवन के सभी दुख दूर होते है।

ज्योतिष एवं वास्तु-शास्त्र के अनुसार, इस दिन पूजा पाठ के साथ-साथ तुलसी से संबंधित कुछ बातों का भी ध्यान अवश्य रखना चाहिए। कहा जाता है कि ऐसा करने श्री हरि का आशीर्वाद बना रहता है और व्रत का पूरा फल प्राप्त होता है।

मोक्षदा एकादशी पर तुसली जुड़े इन बातों का रखें ध्यान:

तुसली माता को न चढ़ाएं जल

हिन्दू मान्यता के अनुसार, एकादशी के दिन माता तुलसी, भगवान विष्णु के निमित्त निर्जला व्रत रखती है। ऐसे में भूलकर भी इस दिन माता को जल न चढ़ाएं। कहा जाता है कि ऐसा करने से तुलसी माता का व्रत खंडित हो जाता है।

न रखें जूते-चप्पल, झाड़ू और कूड़ेदान

शास्त्रों में बताया गया है कि, एकादशी या किसी भी अन्य दिन तुलसी के आस-पास साफ-सफाई ध्यान रखना चाहिए। तुलसी के पास जूते-चप्पल, झाड़ू और कूड़ेदान जैसी चीजें न रखें। वरना माता लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं इससे धन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

तुलसी छूना वर्जित

एकादशी के दिन तुलसी को छूना वर्जित है, लेकिन इस दिन पर शाम के समय तुलसी के पास घी का दीपक जलाएं। सात या ग्यारह बार परिक्रमा और तुलसी माता के मंत्रों का जप अवश्य करें।

तुलसी का भोग

एकादशी पूजा के दौरान विष्णु जी के भोग में तुलसी दल जरूर चढ़ाएं। एकादशी के दिन इन बातों का ध्यान रखने से भगवान विष्णु का आशीर्वाद मिलता है।

चावल का सेवन न करें

एकादशी के दिन चावल का सेवन करने से बचें। यह उचित नहीं होता है। इसके अलावा आप तामसिक भोजन भी ग्रहण न करें।

गीता का पाठ करें

मोक्षदा एकादशी के दिन जागरण, गीता का पाठ, भजन-कीर्तन करने से प्रभु प्रसन्न होते हैं। इससे जीवन में सुख-समृद्धि व घर में खुशियां वास करती है।

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