

भगवान शिव के रौद्र स्वरूप काल भैरव देव को समर्पित 'कालाष्टमी' 28 जुलाई को मनाई जाएगी। इस शुभ अवसर पर भगवान शिव के रौद्र स्वरूप काल भैरव की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। साथ ही, व्रत के दौरान श्रद्धा अनुसार गरीब लोगों में अन्न, धन और वस्त्र का दान किया जाता है।
ज्योतिषियों के अनुसार, 'कालाष्टमी' के दिन कुछ उपाय करने से जातक को विशेष लाभ मिल सकता है। आइए जानें इन उपायों के बारे में-
ज्योतिषियों के मुताबिक, नौकरी में सफलता पाने के लिए कालाष्टमी के दिन किया गया उपाय बेहद फलदायी साबित होता है। अष्टमी तिथि पर एक नारियल पर लाल रंग से स्वास्तिक का चिन्ह बनाएं। इसके पश्चात इसे लौंग और काली मिर्च के साथ काल भैरव को अर्पित करें। इससे जातक को मनचाही जॉब मिलती है और बिजनेस में वृद्धि होती है।
इसके अलावा, जीवन की परेशानी से छुटकारा पाने के लिए कालाष्टमी के दिन एक रोटी बनाकर उसे सरसों के तेल से चुपड़ लें। इसके बाद रोटी को कुत्ते को खिलाएं और साथ ही 'रीं बटुकाय आपद्उद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ऊँ' मंत्र का जाप करें। मान्यता के अनुसार, इस उपाय को करने से इंसान को जीवन की सभी परेशानी से छुटकारा मिलता है।
अगर आप जीवन में धन की समस्या का सामना कर रहे हैं, तो कालाष्टमी के दिन काल भैरव की पूजा करें। इसके बाद गरीब लोगों में दान करें। मान्यता है कि ऐसा करने से धन लाभ के योग बनते हैं और जीवन में कभी भी पैसों की कमी का सामना नही करना पड़ता है।
अगर आपको किसी प्रकार का भय बना रहता है, तो उस भय से छुटकारा पाने के लिए आज के दिन आपको भैरव जी के चरणों में एक काले रंग का धागा रखना चाहिए। उस धागे को मिनट के लिए वहीं पर रखा रहने दीजिये और इस दौरान मंत्र का जप कीजिये। मंत्र है- ऊँ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ऊँ। 5 मिनट बाद उस धागे को वहां से उठाकर अपने दायें पैर में बांध लीजिए।
अगर आपको लगता है कि आपके घर में नेगेटिविटी बहुत अधिक हो गई है, जिसकी वजह से आपके परिवार के लोगों का किसी काम में अच्छे से मन नहीं लगता तो आज के दिन आपको मौली से एक लंबा सा धागा निकालकर, उसमें सात गांठे लगाकर अपने घर के मेन गेट पर बांधना चाहिए। एक-एक गांठ लगाते समय मंत्र का जप भी करें। मंत्र है- ऊँ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ऊँ।
लेखिका- सीमा कुमारी