कालरात्रि पूजा की रात इन उपायों को अपनाकर देखें, खुल जाएंगे किस्मत के द्वार
Maa Kalaratri: कालरात्रि पूजा की रात किए गए विशेष उपाय जीवन की बाधाओं को दूर कर किस्मत के द्वार खोल सकते हैं। सच्चे मन से मां कालरात्रि की आराधना करने से भय, संकट और नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है।
- Written By: सीमा कुमारी
मां कालरात्रि (सौ.AI)
Maa Kalaratri Raat Ke Totke: आज चैत्र नवरात्रि का सातवां दिन है। नवरात्र पर्व में मां दुर्गा के सातवें सिद्ध अवतार मां कालरात्रि की पूजा के लिए समर्पित हैं। शास्त्रों में इस दिन विधि-विधान से मां कालरात्रि की पूजा करने से मनोवांछित फल, साहस और आत्मबल की प्राप्ति होती है।
मां का यह रूप दिखने में भले ही भयंकर हो, लेकिन अपने भक्तों के लिए वे हमेशा शुभ फल देने वाली हैं, इसलिए इन्हें ‘शुभंकरी’ भी कहा जाता है। ऐसे में ज्योतिषयों के अनुसार इस दिन कुछ ज्योतिष उपाय करना बड़ा प्रभावी बताया गया है।
मां कालरात्रि पूजा के विशेष उपाय
शत्रु नाश और सुरक्षा: शत्रुओं से मुक्ति के लिए सप्तमी की रात को ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै नमः’ मंत्र का जाप करें।
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पैसों की कमी के लिए: रात की पूजा में 108 गुड़हल के फूल अर्पित करने से धन और समृद्धि में वृद्धि होती है।
नौकरी, बिजनेस में सफलता: गुड़ की मिठाई या मालपुआ का भोग लगाने से हर काम में सफलता मिलती है।
कठिन बाधाएं दूर करने: अगर कोई काम बार-बार अटक रहा हो, तो एक नींबू पर चार लौंग लगाकर माता को अर्पित करें। यह उपाय बहुत प्रभावी माना जाता है।
डायबिटीज के लिए: 18 लौंग और कपूर के तीन टुकड़ों को जामुन के साथ मिलकर माता को आहुति देने से स्वास्थ्य में सुधार होता है।
शादी में आ रही बाधा होगी दूर
अगर आपके परिवार में किसी सदस्य के विवाह में अड़चन आ रही है तो उससे छुटकारा पाने के लिए आज सात केले, सात सौ ग्राम गुड़ और एक नारियल लेकर माता को अर्पित करें।
नवमी को नारियल छ बार, एक बार सीधा और एक बार उल्टा सर पर वार कर नदी में प्रवाहित कर दें, केला और गुड़ का भोग चन्द्रमा व सूर्य भगवान के लिये निकाल दें और उसी में से थोड़ा सा प्रसाद जिस सदस्य के विवाह में अड़चन आ रही है उसे ग्रहण करने को दें। बाकी बचे हुये केले व गुड़ गाय को खिला दें।
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पूजा के नियम और सावधानियां
- पूजा में लाल चंदन या रुद्राक्ष की माला का उपयोग करें।
- माता कालरात्रि को गधे की सवारी के कारण विशेष महत्व दिया जाता है, यह साहस और तंत्र-मंत्र के लिए जानी जाती हैं।
- तांत्रिक साधना के लिए गुरु के मार्गदर्शन में ही पूजा करें।
- रात्रि में माता की विशेष आरती और कीर्तन करें।
