

Saturday Black Sesame Remedies: सनातन धर्म में शनिवार का दिन न्याय के देवता शनि देव को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि शनि देव व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं। यही वजह है कि लोग शनि की कृपा पाने और उनकी नाराजगी से बचने के लिए शनिवार के दिन विशेष पूजा और उपाय करते हैं।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि किसी की कुंडली में शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या शनि दोष चल रहा हो, तो शनिवार को किए गए कुछ पारंपरिक उपाय शुभ फल देने वाले माने जाते हैं। इनमें काले तिल से जुड़े उपायों का विशेष महत्व बताया गया है। आइए जानते हैं ऐसे 5 पारंपरिक उपाय, जिनके बारे में धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं।
धार्मिक मान्यता है कि शनिवार के दिन बहते जल में काले तिल प्रवाहित करने से शनि से जुड़े कष्ट कम हो सकते हैं।
इसके अलावा जरूरतमंद व्यक्ति को काले तिल का दान करना भी शुभ माना जाता है। लोक मान्यताओं के अनुसार, इससे शनि दोष, साढ़ेसाती, ढैय्या तथा राहु-केतु के अशुभ प्रभाव कम होने की कामना की जाती है। कुछ परंपराओं में इसे कालसर्प योग और पितृ दोष की शांति से भी जोड़ा जाता है।
यदि घर में लगातार आर्थिक तंगी, धन हानि या खर्च बढ़ने जैसी समस्याएं बनी रहती हैं, तो शनिवार के दिन काले तिल और काली उड़द को काले कपड़े में बांधकर किसी जरूरतमंद को दान करना शुभ माना जाता है।
एक अन्य लोकमान्यता के अनुसार, एक मुट्ठी काले तिल परिवार के सभी सदस्यों के सिर के ऊपर से सात बार उतारकर उत्तर दिशा में डालने से घर की नकारात्मकता कम होने और आर्थिक स्थिति में सुधार की कामना की जाती है।
शनिवार के दिन जल में काले तिल मिलाकर 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करते हुए शिवलिंग का अभिषेक करना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इससे शनि देव की कृपा प्राप्त होती है और लंबे समय से चली आ रही स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से राहत मिलने की प्रार्थना की जाती है।
इसके अलावा जौ के आटे, काले तिल, गुड़ और तिल के तेल से बनी रोटी का दान करना भी पुण्यदायी माना गया है।
अगर किसी महत्वपूर्ण काम में बार-बार रुकावटें आ रही हों, तो शनिवार को घर से निकलते समय एक मुट्ठी काले तिल साथ रखने की परंपरा भी कई स्थानों पर प्रचलित है। मान्यता है कि रास्ते में किसी कुत्ते को काले तिल खिलाने से कार्यों में आने वाली बाधाएं कम होती हैं और सफलता के योग मजबूत होते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शनिवार या मंगलवार को जौ का आटा, काले तिल और तेल मिलाकर रोटी बनाएं। इसके ऊपर तेल मिला हुआ गुड़ लगाकर उसे सात बार उतारने के बाद भैंसे को खिलाने की परंपरा भी बताई गई है। लोकविश्वास है कि यह उपाय दीर्घायु, सुख-समृद्धि और शनि देव की कृपा प्राप्त करने में सहायक माना जाता है।
ज्योतिष शास्त्र में बताए गए ये सभी उपाय धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं। शनि देव को न्याय का देवता माना गया है, इसलिए उनके आशीर्वाद के लिए सत्य, ईमानदारी, परिश्रम, जरूरतमंदों की सहायता और अच्छे कर्म को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। श्रद्धा के साथ किए गए उपाय तभी सार्थक माने जाते हैं, जब जीवन में अच्छे कर्मों का भी पालन किया जाए।