

Ekadashi Fasting Rules: आज परम यानि परमा एकादशी मनाई जा रही है। धर्म शास्त्रों में परमा एकादशी व्रत की महिमा का विस्तृत वर्णन किया गया है। बताया गया है कि,परमा एकादशी व्रत करने से परम सुख की प्राप्ति होती है। इसके अलावा, व्यक्ति पापों से मुक्ति पाकर समस्त भौतिक सुख प्राप्त करता है।
जैसा कि, जानते है कि एकादशी व्रत कई तरह से रखा जाता है जैसे फलाहार, निराहार, निर्जला, क्षीरभोजी, नक्तभोजी। पुराणों में एकादशी व्रत कैसे किया जाए इसके नियम विस्तार से बताए गए हैं।
कुछ लोगों को व्रत के दौरान चाय और कॉफी पीने की आदत होती हैं। ऐसे में नियमानुसार जान लें कि एकादशी व्रत के दिन चाय-कॉफी पी सकते हैं या नहीं यहां जानिए-
हिन्दू लोक एवं ज्योतिषयों के अनुसार, एकादशी व्रत के दिन चाय-कॉफी पीना वर्जित माना गया हैं। चाय एक पौधे की सूखी पत्तियां होती हैं और इसे एक झाड़ी के रूप में माना गया हैं। जिस तरह हम व्रत में पालक, मेथी जैसी अन्य पत्तियां नहीं खा सकते या उसका रस नहीं पी सकते उसी तरह चाय भी वर्जित माना गया हैं।
बताया जाता है कि, एकादशी व्रत में गाय दूध का सेवन करना चाहिए। न कि भैंस एवं बकरी के दूध का। छाछ, खोया, मक्खन, घी आदि का सेवन कर सकते हैं।
जिस प्रकार एकादशी व्रत में चाय पीने की मनाही होती हैं। ठीक उसी प्रकार एकादशी व्रत में कॉफी पीने की भी मनाही होती हैं। कॉफी बीन्स यानी कहवा के बीज अनाज नहीं होते हैं। वे कहवा नामक फल के बीज हैं, जिन्हें सामान्यतः कॉफी चेरी कहा जाता हैं। कॉफी चेरी अनाज नहीं फल का ही एक अंग हैं। हालांकि कॉफी एक प्रकार की फली है और उपवास में सभी प्रकार की फलियों का सेवन वर्जित होता हैं।
कॉफी सूखी मेवा है अथवा फली इस पर विवाद करने से उचित है कि उपवास के समय इसका प्रयोग न ही करें। इसी प्रकार व्रत में दूध वाली कॉफी का प्रयोग भी निषिद्ध हो जाता है। कहवा में अत्यधिक मात्रा में कैफीन होता है जो कि एक प्रकार का मादक पदार्थ है, इसीलिये भगवान विष्णु के अनन्य भक्तों को उपवास के समय कॉफी के सेवन से बचना चाहिए।