देवउठनी एकादशी शनिवार को, अपनी राशि के अनुसार करें ये विशेष उपाय, मनोकामनाएं होंगी पूरी!
Devuthani Ekadashi 2025: देवउठनी एकादशी का दिन अक्षय पुण्य कमाने और अपनी मनोकामनाओं को पूरा करने के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं साल के इस पावन दिन राशि अनुसार कौन- कौन से उपाय
- Written By: सीमा कुमारी
देवउठनी एकादशी पर राशि अनुसार करें ये विशेष उपाय (सौ.सोशल मीडिया)
Devuthani Ekadashi 2025 kab hai: शनिवार, 1 नवंबर को कार्तिक महीने की एकादशी यानी देवउठनी एकादशी मनाई जा रही है। यह एकादशी सनातन धर्म में बहुत अधिक महत्व रखता है। यह शुभ एवं पावन तिथि सृष्टि के संचालनकर्ता भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित है। हर साल कार्तिक माह में देवउठनी एकादशी मनाई जाती है।
ज्योतिषयों के अनुसार, देवउठनी एकादशी का दिन अक्षय पुण्य कमाने और अपनी मनोकामनाओं को पूरा करने के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं साल के इस पावन दिन राशि अनुसार कौन- कौन से उपाय करने चाहिए?
देवउठनी एकादशी पर राशि अनुसार करें ये विशेष उपाय
मेष
शाम को तुलसी जी को लाल फूल और लाल चंदन अर्पित करें। भगवान विष्णु को खीर का भोग लगाएं और ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का 11 बार जाप करें।
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वृषभ
तुलसी माता को दूध-चावल की खीर का भोग लगाएं। शालिग्राम भगवान को दूध से स्नान कराएं। शाम को दीपक जलाकर ‘ॐ ह्रीं लक्ष्म्यै नमः’ का जाप करें।
मिथुन
हरी मूंग दाल का दान करें। माता तुलसी का पूजन करें और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें. साथ ही ‘ॐ बुं बुधाय नमः’ मंत्र का जाप करें।
कर्क
भगवान विष्णु का दूध से अभिषेक करें। विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें। हल्दी की गांठें अर्पित करें।
सिंह
भगवान को गुड़ और गन्ने का भोग लगाएं। सूर्यदेव को जल अर्पित करें और ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करें।
कन्या
गरीब और जरूरतमंदों को हरे वस्त्र या फल दान करें। तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाएं।
तुला
मां लक्ष्मी और श्रीहरि को मिश्री और सफेद मिठाई का भोग लगाएं। तुलसी के पौधे पर लाल कलावा बांधें।
वृश्चिक
विष्णु मंदिर में जाकर पीले रंग के वस्त्र और फल दान करें। तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाएं और विष्णु चालीसा का पाठ करें।
धनु
भगवान विष्णु को पीले फूल, पीले वस्त्र और चने की दाल अर्पित करें। ‘ॐ नमो नारायणाय’ मंत्र का जाप करें।
मकर
भगवान विष्णु को पंचामृत से स्नान कराएं। पूजा में नीले रंग के आसन का प्रयोग करें। ‘ॐ महात्मने नमः और ऊँ लक्ष्म्यै नमः’ मंत्र का जप करें।
कुंभ
पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं। गरीबों को तिल या ऊनी वस्त्र दान करें। ‘ॐ महाकायाय नमः और ऊँ वसुधायै नमः’ मंत्र का जप करें।
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मीन
भगवान विष्णु को केले और हल्दी अर्पित करें। विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें। ‘ॐ निर्गुणाय नमः’ और ‘ऊँ कमलायै नमः’ मंत्र का जप करें।
