पहली बार रख रही हैं आप हरितालिका व्रत, भूलकर भी नहीं करें ये काम बुरा मिलेगा परिणाम

हरितालिका व्रत 6 सितंबर को देशभर में मनाया जाएगा इस व्रत के दौरान कई कार्यों को करना सही माना जाता हैं तो वहीं पर कई बार कुछ कार्य वर्जित माने जाते हैं जिन्हें भूलकर भी नहीं करना चाहिए जो इस प्रकार है। इन वर्जित कार्यों को लेकर पंडित श्रीधर शास्त्री ने जानकारी दी हैं।
Hartalijka Vrat 2024, Lord Shiva Pujan
हरतालिका व्रत के नियम (सौ.सोशल मीडिया)
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हिंदू धर्म में व्रत और त्योहार का महत्व होता हैं जो हर कोई बड़े ही भक्तिभाव से करते और आनंद पाते है। हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरितालिका व्रत मनाया जाता हैं जो व्रत सुहागन महिलाओं और कुंवारी कन्याओं द्वारा रखा जाता है। व्रत के दौरान स्त्रियां भगवान शिव की आराधना भक्तिभाव से करती हैं यह व्रत पति की लंबी उम्र और कन्याओं के अच्छे वर के लिए रखा जाता है। इस साल यह व्रत 06 सितंबर को किया जाएगा। सभी व्रतों में यह व्रत कठिन होता हैं इस दौरान कई नियमों का पालन किया जाता हैं तो वहीं पर कई कार्य इस व्रत के दिन भूलकर भी नहीं करना चाहिए।

जानिए हरितालिका व्रत का शुभ मुहूर्त

यहां पर हिंदू पंचाग के अनुसार, भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि की शुरुआत 05 सितंबर को दोपहर 12. 21 बजे से होगी. वहीं, इस तिथि का समापन 06 सितंबर को दोपहर 03.21 बजे होगा। इस तिथि को शुभ तिथियों में एक माना जाता है।

व्रत के दौरान ये कार्य रहेंगे वर्जित

हरितालिका व्रत के दौरान कई कार्यों को करना सही माना जाता हैं तो वहीं पर कई बार कुछ कार्य वर्जित माने जाते हैं जिन्हें भूलकर भी नहीं करना चाहिए जो इस प्रकार है। इन वर्जित कार्यों को लेकर पंडित श्रीधर शास्त्री ने जानकारी दी हैं जो इस प्रकार है..

1- व्रत के दौरान अगर आप संकल्प के साथ व्रत शुरु करती हैं तो नियमों के अनुसार इस व्रत को तोड़ना या बीच में छोड़ देना सही नहीं माना जाता है इसके परिणाम अशुभ मिलते है।

2- व्रत के दौरान जो महिलाएं व्रत रख रही हैं उन्हें किसी भी व्यक्ति पर भूलकर भी गुस्सा नहीं करना चाहिए नहीं तो आपका व्रत अधूरा माना जाता है।

3- व्रत के दौरान पूरा दिन और रात भगवान शिव औऱ माता पार्वती के पूजन में मगन रहना चाहिए इस दौरान स्रियों को सोना नहीं चाहिए।

4- स्रियों को व्रत के दौरान जागरण कर भगवान शिव की कथा, स्तोत्र का पाठ करना चाहिए उन्हें विशेष लाभ होता है।

5- यह व्रत पति की लंबी उम्र के लिए रखते हैं इस दिन पति के साथ स्वस्थ संबंध बनाकर रखें किसी बात पर बहस या झगड़ा करने से बचना चाहिए।

6- व्रत में कई रंग शुभ माने जाते हैं तो कुछ वर्जित माने जाते है। विवाहित महिलाओं को काले रंग की चूड़ियां और कपड़े पहनने से बचना चाहिए अशुभ माना जाता है।

7-व्रत के दौरान आपको देवी पार्वती, भगवान शिव और भगवान गणेश की पूजा करनी चाहिए, जो महिलाएं इन तीनों में से किसी की भी पूजा नहीं करती है, तो उनका व्रत अधूरा माना जाता है।

8-व्रत के दौरान आपको बड़े-बुजुर्गों का सम्मान करना चाहिए अगर आप अपमान करते हैं तो इसके फल विपरित मिलते है।

9-जो महिलाएं व्रत के दौरान दूध का सेवन करती हैं यह वर्जित माना जाता है कहते हैं, व्रत के दौरान दूध का सेवन करने से अगला जन्म सर्प योनि का होता है।

10-व्रत के दौरान स्रियों को फल का सेवन ज्यादा नहीं करना चाहिए, यदि स्त्रियां इस व्रत के दौरान फल का सेवन करती हैं तो अगले जन्म में वह वानर योनि में जाती है।

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