

Today Chor Panchak Started: आज 31 जुलाई 2026 से पंचक शुरू हो गए हैं और 4 अगस्त 2026 तक चलेगा। ज्योतिष शास्त्र में पंचक काल को विशेष सावधानी बरतने वाला समय माना जाता है, और जब यह पंचक शुक्रवार के दिन से शुरू होता है, तो इसे "चोर पंचक" कहा जाता है।
हिंदू धर्म-शास्त्रों में किए गए उल्लेख के अनुसार, जब पंचक शुक्रवार के दिन से लगते हैं तो उसे चोर पंचक कहते हैं। इस बार पंचक 31 जुलाई, शुक्रवार से लग रहे हैं लिहाजा ये चोर पंचक हैं।
द्रिक पंचांग के अनुसार, चोर पंचक 31 जुलाई की सुबह 06:34 बजे से शुरू होकर 4 अगस्त की रात 09:54 बजे तक रहेंगे। ये वो समय है जब चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में गोचर करते हुए धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद व रेवती नक्षत्र से गुजरेंगे, तभी पंचक लगते हैं।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, चोर पंचक के दौरान निम्न कार्यों से परहेज करना बेहतर माना जाता है:
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पंचक के दौरान, तुलसी में जल अर्पित करने की कोई मनाही नहीं मानी जाती, इसलिए इस अवधि में भी प्रतिदिन श्रद्धापूर्वक तुलसी की पूजा और जल अर्पित कर सकते है। हालांकि एकादशी और रविवार के दिन तुलसी में जल नहीं चढ़ाना चाहिए है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ,इन दोनों दिनों में मां तुलसी भगवान विष्णु की आराधना और व्रत में लीन रहती हैं, इसलिए जल अर्पित करने से परहेज किया जाता है।
यदि आप धन-संपत्ति की इच्छा रखते हैं, तो पंचक के शुक्रवार को तुलसी की सूखी मंजरी को एक स्वच्छ लाल कपड़े में बांधकर छोटी-सी पोटली बना लें. इसके बाद भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का ध्यान करते हुए "ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नमः" मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें ।
मंत्र जाप के बाद इस पोटली को अपनी तिजोरी, धन रखने के स्थान या अलमारी में रखें. धार्मिक मान्यता है कि यह उपाय आर्थिक समृद्धि और मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने में सहायक माना जाता है।