Hanuman (Source. Pinterest)
Hanuman And Fight In Mahabharat: महाभारत के विशाल युद्ध और महान योद्धाओं के बीच एक सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है क्या प्रभु हनुमान का कोई मुकाबला था? अगर देवताओं को अलग कर दिया जाए, तो यह सवाल और भी दिलचस्प हो जाता है। शास्त्रों के अनुसार, हनुमान की शक्ति, वरदान और दिव्यता उन्हें बाकी सभी योद्धाओं से अलग बनाती है। फिर भी कुछ ऐसे नाम हैं, जो इस चर्चा में जरूर सामने आते हैं।
भीम और हनुमान दोनों ही वायु देव के पुत्र माने जाते हैं। भीम अपनी अद्भुत ताकत और पराक्रम के लिए प्रसिद्ध थे। महाभारत में एक प्रसिद्ध प्रसंग है, जहां हनुमान ने भीम का अहंकार तोड़ा था। इस घटना से साफ होता है कि भीम शक्तिशाली जरूर थे, लेकिन हनुमान की शक्ति उनके मुकाबले कहीं अधिक थी। भीम सबसे करीब जरूर आते हैं, लेकिन बराबरी नहीं कर पाते।
अर्जुन महाभारत के सबसे महान धनुर्धरों में से एक थे। उनके पास कई दिव्य अस्त्र थे और युद्ध कौशल में उनका कोई जवाब नहीं था। हनुमान के पास केवल शारीरिक बल ही नहीं, बल्कि आकार बदलने की क्षमता और अलौकिक शक्तियां भी थीं। ऐसे में सीधे मुकाबले में अर्जुन कमजोर पड़ सकते थे।
कर्ण को महाभारत का सबसे बहादुर और शक्तिशाली योद्धा माना जाता है। उनके पास दिव्य कवच और कुंडल थे, जो उन्हें लगभग अजेय बनाते थे। हनुमान की दिव्य शक्तियों और वरदानों के सामने कर्ण भी टिक नहीं सकते थे।
भीष्म पितामह और द्रोणाचार्य दोनों ही महान योद्धा और कुशल रणनीतिकार थे। हनुमान का स्वरूप अतिमानवीय है। उनकी शक्तियां सामान्य योद्धाओं से कहीं ऊपर हैं, इसलिए ये भी उन्हें सीधी टक्कर नहीं दे सकते थे।
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हनुमान को अष्ट सिद्धि और नव निधि का वरदान प्राप्त है। इसके साथ ही उन्हें अमरता यानी चिरंजीवी होने का आशीर्वाद मिला है। उनकी शक्ति देवताओं के समान मानी जाती है, जो उन्हें बाकी सभी योद्धाओं से अलग और श्रेष्ठ बनाती है।
महाभारत में (देवताओं को छोड़कर): भीम सबसे करीब आते हैं लेकिन सच्चाई यही है कि कोई भी हनुमान की बराबरी नहीं कर सकता। “महाभारत में हनुमान का मुकाबला कोई नहीं, सिर्फ भीम थोड़ी टक्कर दे सकते हैं।”