चैत्र अमावस्या के दिन हावी रहती हैं नकारात्मक शक्तियां, इनसे बचने के उपाय तुरंत नोट करें
Chaitra Amavasya: चैत्र अमावस्या को नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव बढ़ने की मान्यता है। ऐसे में कुछ सरल धार्मिक उपाय अपनाकर आप नकारात्मकता से बच सकते हैं और घर में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रख सकते हैं।
- Written By: सीमा कुमारी
चैत्र अमावस्या(सौ.AI)
Chaitra Amavasya Ke Din Kya Kare Aur Kya Na Kare : चैत्र महीने की शुरुआत हो चुकी है। यह महीना धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण होता है। खासतौर पर, इस महीने में पड़ने वाली अमावस्या भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस अमावस्या को भूतड़ी अमावस्या के नाम से जाना जाता है। यह दिन तंत्र और मंत्र की सिद्धि के लिए उत्तम माना गया है।
मान्यताओं के अनुसार, भूतड़ी अमावस्या के दिन नकारात्मक शक्तियां हावी रहती हैं। ऐसे में इस दिन विशेष रूप से सावधानी बरतनी चाहिए।
कब है भूतड़ी अमावस्या
पंचांग के अनुसार, इस बार यह अमावस्या गुरुवार, 19 मार्च 2026 को मनाई जाएगी। पंचांग के अनुसार, अमावस्या तिथि 18 मार्च की सुबह 08:25 बजे शुरू होकर 19 मार्च की सुबह 06:52 बजे समाप्त होगी। उदयातिथि के अनुसार स्नान-दान और मुख्य पूजा 19 मार्च को मान्य होगी, हालांकि श्राद्ध के कार्य 18 मार्च को करना उचित है।
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नकारात्मक शक्तियों से बचने के लिए क्या उपाय करने चाहिए?
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हनुमान जी की पूजा
चैत्र अमावस्या के दिन हनुमान जी की पूजा करना सबसे उत्तम माना जाता है। हनुमान चालीसा का पाठ करने से भय और नकारात्मक शक्तियां दूर रहती हैं।
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घर की शुद्धि
सूर्यास्त के बाद घर के कोनों में कपूर या गुग्गुल जलाएं, इससे नकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है।
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पीपल की पूजा
पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का चौमुखा दीपक जलाएं और सात बार परिक्रमा करें, यह पितरों को प्रसन्न करने का सरल मार्ग है।
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फिटकरी से स्नान
नहाने के पानी में फिटकरी का एक छोटा टुकड़ा या चूर्ण मिलाकर स्नान करें, इससे नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है।
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दान और सेवा
पशु-पक्षियों को दाना-पानी दें, जैसे चींटियों को आटा-चीनी और गाय को हरा चारा।
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मौन रहे
इस दिन कम से कम बोलें और अनावश्यक वाद-विवाद से बचें।
अमावस्या के दिन क्या नही करना चाहिए?
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बाल और नाखून काटने से बचे
अमावस्या के दिन बाल और नाखून काटना वर्जित माना जाता है, ऐसा करने से पितृदोष लगता है।
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तामसिक भोजन से करें परहेज
अमावस्या के दिन लहसुन, प्याज, मांस और शराब का सेवन बिल्कुल न करें, केवल सात्विक भोजन करें।
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घर में क्लेश न करें
कहते है अमावस्या के दिन घर में अशांति, झगड़ा या किसी का अपमान करने से बचें, क्योंकि यह संयम का दिन है।
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मांगलिक कार्य न करें
इस दिन नई गाड़ी, घर या कोई कीमती वस्तु न खरीदें। कोई भी नया कार्य शुरू न करें।
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देर तक न सोएं
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इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए, देर तक सोना अशुभ होता है।
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यात्रा न करें
अमावस्या के दिन विशेष यात्रा से बचना चाहिए, क्योंकि माना जाता है कि यात्रा सफल नहीं होती।
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घर में क्लेश न करें
घर में अशांति, झगड़ा या किसी का अपमान करने से बचें, क्योंकि यह संयम का दिन है।
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सुनसान जगह न जाएं
रात के समय नकारात्मक शक्तियां अधिक सक्रिय होती हैं, इसलिए श्मशान या सुनसान स्थानों पर न जाएं।
