

Vikata Sankashti Chaturthi Remedies: हर महीने चतुर्थी तिथि पड़ती है। जिसका अपना अलग ही महत्व है। इस बार वैशाख महीने की चतुर्थी तिथि यानी विकट संकष्टी चतुर्थी का व्रत 05 अप्रैल को रखा जा रहा है। धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि, इस दिन विधिपूर्वक विघ्नहर्ता और प्रथम पूज्य भगवान गणेश की पूजा करने और व्रत रखने से जीवन के सभी ‘विकट’ यानी कठिन संकट दूर हो जाते है।
ज्योतिषयों के अनुसार, इस दिन कुछ विशेष उपायों को करने से नौकरी और काम में बार-बार आने वाली बाधाएं दूर होती हैं, तो आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में।
ज्योतिषयों के अनुसार, करियर और व्यापार में रुकावट दूर करने के लिए सुबह स्नान कर गणेश मंदिर जाएं या घर में गणेश जी की मूर्ति के सामने घी का दीपक जलाएं। इसके बाद “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें। कहते है ऐसा करने से करियर और व्यापार में रुकावट दूर होती है।
करियर और व्यापार में रुकावट दूर करने के लिए संकष्टी चतुर्थी के दिन गणेश जी को मोदक या लड्डू का भोग लगाएं। भोग लगाते समय मन में अपनी रुकावटों को दूर करने की प्रार्थना करें।
भगवान गणेश की कृपा पाने के लिए शाम को चंद्रमा को जल अर्घ्य दें। इससे मन की अशांति दूर होती है और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है।
संकष्टी चतुर्थी के बाद आने वाले बुधवार को व्रत रखें या हरे चने, पुस्तक, कलम आदि का दान करें। इससे बुध ग्रह मजबूत होता है।
'विघ्नेश्वराय वरदाय' या 'गणेश अथर्वशीर्ष' का पाठ करें। इससे करियर और व्यापार की बाधाएं दूर होती हैं।
कई बार कुंडली में शनि-राहु या अन्य बाधक योग बन जाते हैं, जो काम में अड़चनें पैदा करते हैं। विकट संकष्टी चतुर्थी का व्रत और पूजा इन योगों को शांत करने में मदद करती है। चंद्रमा को अर्घ्य देने से मन स्थिर होता है और सही निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है।
विकट संकष्टी चतुर्थी के दिन पूजा के समय मन को पूरी तरह शांत रखें। व्रत रखने वाले लोग फलाहार करें और शाम को चंद्रोदय के बाद पारण करें। व्रत नहीं भी रख रहे हैं, तो इस दिन मांसाहार, शराब और क्रोध से बचें।
धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि, विकट संकष्टी चतुर्थी पर इन उपायों को श्रद्धा से करने से करियर और व्यापार की रुकावटें दूर हो सकती हैं। भगवान गणेश की कृपा से जीवन में नए रास्ते खुलेंगे और सफलता मिलेगी।