

Bhado Mein Kya Karein : 29 अगस्त 2026 से भाद्रपद मास की शुरुआत हो रही है और आगामी 26 सितंबर 2026 को तक चलेगा। सनातन धर्म में भाद्रपद मास का बड़ा महत्व है क्योंकि इस महीने में कई बड़े तीज- त्योहार मनाए जाते हैं।
धार्मिक मान्यता है कि, जो भी भक्त इस महिने में जप, तप, दान पुण्य करता है, उसके सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और अक्षय पुण्य की प्राप्ति भी होती है।
ज्योतिष शास्त्र में इस मास में किए जाने वाले कुछ विशेष उपाय भी बताए गए हैं, इन उपायों के करने से सभी समस्याओं से मुक्ति मिलती है और नौकरी व कारोबार में उन्नति भी होती है। आइए जानते हैं भाद्रपद मास में किए जाने वाले कुछ ज्योतिष उपाय
भगवान कृष्ण की पूजा करें
भादो महीने में रोजाना विधि-विधान से लड्डू गोपाल या भगवान कृष्ण की पूजा करें। इससे जीवन की सभी परेशानियां धीरे-धीरे समाप्त होती हैं।
गौ सेवा करें
रोज गाय को एक रोटी खिलाएं। बुधवार के दिन गौशाला जाकर हरा चारा खिलाना अत्यंत शुभ माना जाता है।
नदी स्नान और दीपदान करें
भाद्रपद पूर्णिमा के दिन पवित्र नदी में स्नान करके दीपदान करें, जिससे घर में सुख-शांति बनी रहती है।
तर्पण और दान करें
पितृ दोष से मुक्ति के लिए पूर्णिमा पर पितरों का तर्पण करें और जरूरतमंदों को अन्न-धन का दान दें।
धर्म शास्त्रों के अनुसार, भादो महीने में लहसुन, प्याज, शहद, गुड, दही-भात, मूली, बैंगन, कच्ची चीजें, मांस और मछली सहित किसी भी प्रकार का तामसिक भोजन नहीं करना चाहिए।
तैलीय एवं अधिक मसालेदार चीजें खाने से बचना चाहिए। शरीर की शुद्धि और पवित्रता के लिए एक वक्त का भोजन ही करना चाहिए।
इस माह में सभी तरह की सुख सुविधाओं का त्याग कर देना चाहिए और पलंग पर सोना भी छोड़ देना चाहिए।
जमीन पर चटाई बिछाकर उस पर सोना चाहिए।
असत्य वचन बोलना, कड़वे वचन कहना, विश्वासघात करना, ईष्या करान, क्रोध करना यह सभी त्याग देना चाहिए।
किसी भी तरह के मांगलिक कार्य नहीं करना चाहिए।
इस माह नारियल का तेल नहीं इस्तेमाल करना चाहिए। इससे संतान सुख में कमी आती है।
भाद्रपद के महीने में नशीले पदार्थों तंबाकू, गुटखा, सिगरेट व शराब आदि का सेवन करने से बचें।